सिंगरौली/सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा एचओई कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत कार्यरत संविदा पर्यवेक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 28 नवंबर, 2025 तक केंद्रीय उत्खनन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीईटीआई) सिंगरौली में चल रहे इन प्रशिक्षण सत्रों का मुख्य उद्देश्य खनन कार्यों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, संचालन दक्षता बढ़ाना और मानक प्रक्रियाओं (SOPs/COPs) का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना है।
इन सत्रों में एनसीएल और सीएमपीडीआईएल के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को ओपनकास्ट खदानों में सामान्य सुरक्षा चूक और उनकी रोकथाम, सरफेस माइनर के सुरक्षित संचालन एवं उत्पादकता वृद्धि, सुरक्षित हॉल रोड डिज़ाइन व रखरखाव, यातायात अनुशासन, सुरक्षित ओबी डंपिंग पद्धतियाँ, स्लोप स्टेबिलिटी, नेतृत्व क्षमता विकास तथा Zero Harm Mining Culture जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के पहले दिन एनसीएल निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री सुनील प्रसाद सिंह एवं निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री अशुतोष द्विवेदी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में श्री सुनील प्रसाद सिंह ने खान अनुमति प्रक्रियाओं, खदान अधिनियम, CMR 2017, माइन रूल्स एवं वीटी रूल्स की विस्तृत जानकारी देते हुए सुरक्षा पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। वहीं, श्री अशुतोष द्विवेदी ने सुरक्षित संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) और प्रैक्टिस कोड (COPs) के अनुपालन को खनन सुरक्षा का आधार बताया और सभी प्रतिभागियों से इनका कठोरता से पालन करने का आह्वान किया।
एनसीएल द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण पहल संविदा पर्यवेक्षकों में दक्षता और सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे खनन कार्य अधिक सुरक्षित, मानकीकृत और प्रभावी बन सकेंगे।
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