सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी बी.एन. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित गतिविधियों एवं तिथियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों व श्रमिकों की कॉलोनियों में बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र (फॉर्म) वितरित तो कर दिए गए हैं, लेकिन उन्हें वापस एकत्र करने में काफी कठिनाई हो रही है। इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए औद्योगिक इकाइयों के महाप्रबंधकों से प्रपत्र एकत्रीकरण में सहयोग प्रदान करने की अपील की, ताकि श्रमिकों के नाम भी मतदाता सूची में सम्मिलित हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा 01 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए बीएलओ घर-घर जाकर गणना पत्रक देंगे और उन्हें वापस भी एकत्र करेंगे।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियाँ
02–03 नवम्बर 2025: तैयारी, प्रशिक्षण एवं फॉर्म का मुद्रण
04 नवम्बर–04 दिसम्बर 2025: बीएलओ द्वारा घर-घर गणना प्रपत्र वितरण
09 दिसम्बर 2025: निर्वाचक नामावली का आलेख्य प्रकाशन
09 दिसम्बर 2025–08 जनवरी 2026: दावे एवं आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि
09 दिसम्बर 2025–31 जनवरी 2026: सुनवाई, सत्यापन एवं निस्तारण
07 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी मतदाता ने अपना निवास बदला है, तो वह बीएलओ से संपर्क कर गणना प्रपत्र भरकर जमा कर दें। फसल कटाई हेतु बाहर गए ग्रामीण अपने परिवार के सदस्य के माध्यम से फॉर्म भरकर वापस करें। यदि कोई मतदाता फॉर्म जमा नहीं करता है, तो उसका नाम 09 दिसम्बर 2025 को प्रकाशित होने वाली आलेख्य मतदाता सूची में नहीं होगा। जिनके नाम कई स्थानों पर दर्ज हैं, केवल एक फॉर्म पर हस्ताक्षर करना होगा। कई फॉर्म पर हस्ताक्षर करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है, जिसकी सजा एक वर्ष तक का कारावास है।
जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 में किसी अन्य जनपद में दर्ज थे, और अब सोनभद्र में निवास कर रहे हैं, वे भी फॉर्म जमा कर दें। बाद में उन्हें 2003 के रिकॉर्ड हेतु नोटिस जारी कर एक माह में प्रमाण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
बैठक में जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, डीसी मनरेगा रवीन्द्र वीर सिंह, सहायक निर्वाचन अधिकारी जगरूप सिंह पटेल, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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