बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल कृष्णशीला परियोजना में निविदा प्राप्त कंपनी खेमका केरिया के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह करीब 9 बजे से बोनस न मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया। हड़ताल की सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन में हड़कंप मच गया और उत्पादन कार्य प्रभावित होने लगा। लगभग 50 से अधिक श्रमिकों द्वारा काम ठप किए जाने से खदान परिसर में लगभग 20 हायवा खड़े हो गए, जिसका सीधा असर कोयला उत्पादन पर पड़ा।
घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी के इंचार्ज राधेश्याम झा और सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि “एक सप्ताह का समय दें, कागजी कार्यवाही पूरी की जा रही है, उसके बाद सभी के खातों में बोनस जमा कर दिया जाएगा।” इसी दौरान माइन मैनेजर पियूष पांडेय भी कर्मचारियों को शांत करने पहुंचे और कार्य बहाली का अनुरोध किया।
परियोजना कार्मिक प्रबंधक (एचआर) मनीष भंडारी ने इस मामले पर स्पष्ट किया कि परियोजना की ओर से किसी भी प्रकार की देरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि “बोनस भुगतान में विलंब कंपनी की ओर से हुआ है, परियोजना प्रबंधन की तरफ से पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है।”

कर्मचारियों—उमाकांत, रोहन रामनारायण, विजय कुमार रुपनारायण, राजू पांडेय, उमेश सिंह, अंजनी यादव, राजकुमार (लोडर ऑपरेटर), पवन, शिव कुमार सहित अन्य—ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व भी प्रबंधन को बोनस न मिलने की समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय भी एक सप्ताह में बोनस भुगतान का आश्वासन मिला था, लेकिन त्योहार बीत जाने के बावजूद अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि वे जब तक बोनस खातों में जमा नहीं होगा, तब तक काम शुरू नहीं करेंगे। अंततः लगभग चार घंटे की मशक्कत और लगातार बातचीत के बाद दोपहर 12:30 बजे से काम पुनः शुरू हो सका, जिससे प्रबंधन ने राहत की सांस ली।
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