दुद्धी/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम कसते हुए विजिलेंस टीम ने मंगलवार को दुद्धी कस्बे में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बिजली बिल सुधार कराने के नाम पर 30,000 रुपये की रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई अमवार रोड स्थित अंजू लेडीज श्रंगार गिफ्ट कॉर्नर पर की गई, जहाँ उपभोक्ताओं से अवैध वसूली किए जाने की शिकायत मिली थी।
दुद्धी के व्यापारी नीरज कुमार गुप्ता ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उनका बिजली बिल कम कराने के लिए विभागीय कर्मचारियों द्वारा अवैध धनराशि की मांग की जा रही है। शिकायत सत्य पाए जाने पर टीम ने योजना बनाकर छापा मारा और दोनों कर्मचारियों को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया। गिरफ्तार कर्मचारियों की पहचान— जावेद अंसारी, निवासी गोदन थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली, अशोक कुमार भारती, निवासी मगरहा, थाना चुनार, जनपद मिर्जापुर। दोनों बिजली विभाग में तैनात थे और लंबे समय से उपभोक्ताओं से बिल संशोधन के नाम पर धन उगाही की शिकायतें मिल रही थीं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारी और राहगीर मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने विजिलेंस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस कदम से बिजली विभाग में चल रहे अवैध वसूली के नेटवर्क पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। विजिलेंस टीम ने मौके से 30,000 रुपये बरामद कर दोनों अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया है। टीम का कहना है कि इस भ्रष्टाचार नेटवर्क में और भी कर्मचारी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी अशोक कुमार सिंह, निरीक्षक अनिल चौरसिया, पतराम यादव, मुख्य आरक्षी मुकेश यादव, पुनीत कुमार सिंह, आरक्षी सूरज गुप्ता, पीयूष कुमार सिंह, सर्वेश तिवारी और सचिन चौरसिया शामिल रहे। दुद्धी में हुई इस कार्यवाही से बिजली विभाग के भीतर हड़कंप है, जबकि उपभोक्ताओं में उम्मीद जगी है कि भविष्य में बिल संशोधन के नाम पर होने वाली मनमानी वसूली पर अंकुश लगेगा।
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