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Sant Premanandji Maharaj: देश में सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहने वाले साधु-संतों में संत प्रेमानंद महाराज भी एक हैं. उनकी लोकप्रियता विदेशों तक फैली है. उनके दर्शन करने दूर-दराज से बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज आते हैं. इसी क्रम में फिल्मों में कॉमेडी के जरिए अपनी पहचान बना चुके राजपाल यादव भी पहुंचे. यहां उन्होंने एक ऐसी बात कही कि महाराज समेत सभी हंसने लगे.
Sant Premanandji Maharaj: देश में सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहने वाले साधु-संतों में संत प्रेमानंद महाराज भी एक हैं. उनकी लोकप्रियता विदेशों तक फैली हुई है. संत प्रेमानंदजी महाराज एक दिव्य विभूति जिन्होंने अपनी मधुर वाणी और भक्तिमय जीवन से लाखों लोगों को प्रेरित किया है. उनके प्रवचन काफी प्रेरणादायक होते हैं. इसलिए उनके प्रवचन के वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते रहते हैं, जिनमें वो तमाम तरह के सवालों का जवाब देते हैं. इसलिए दूर-दराज से बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज उनके दर्शन करने आते हैं.
इसी क्रम में फिल्मों में कॉमेडी के जरिए अपनी पहचान बना चुके राजपाल यादव भी पहुंचे. एक्टर ने पहुंचते ही दण्डवत किया और हाथ जोड़कर अपनी बातें शुरू कर दीं. इसी दौरान राजपाल यादव ने एक ऐसी बात कही कि, जिसे सुनकर प्रेमानंद महाराज समेत वहां खड़े सभी लोग ठहाके लगाने लगे. आइए जानते हैं कि आखिर एक्टर ने ऐसी क्या बात कही थी.
‘आपका अभिनय लोगों को खूब हंसाता है’
वायरल वीडियो के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज ने राजपाल से कहा कि आप अपने हास्य अभिनय से लोगों को खूब हंसाते हैं और मनोरंजन करते हैं. ये देखकर हम सभी को अच्छा लगता है. प्रेमानंद महाराज ने एक्टर से कहा कि काम के साथ-साथ भगवान का स्मरण करते रहो और जीवन को आनंदमय बनाओ. किसी विपत्ति से हारो नहीं, बस लड़ना सीखो.
‘आपको देखकर लगता धरती पर ईश्वर हैं’
बातचीत के बीच में राजपाल यादव ने महाराज से कहा कि आपको देखकर पता चल गया कि धरती पर ईश्वर हैं. इतना कहते ही राजपाल रुक गए और बोले कि मैं सोचकर तो बहुत कुछ आया था, लेकिन अब कुछ याद ही नहीं रहा. ये सुनकर प्रेमानंद महाराज हंस पड़े. इसके बाद राजपाल यादव ने बताया कि उनकी पत्नी भी आपकी प्रशंसक हैं और आशीर्वाद लेना चाहती हैं.
‘द्वापर में मनसुखा मैं ही था’
बातचीत के अंत में राजपाल यादव ने एक ऐसी बात कही, जिसे सुनकर प्रेमानंद महाराज ठहाके लगाने लगे. दरअसल, एक्टर राजपाल बोले, महाराज ‘मैं अपने मन में एक गलतफहमी पालकर बैठ गया कि, कृष्ण का जन्म द्वापर में हुआ है. उस समय सब तो ग्वाले थे, लेकिन मुझे लगता है कि मनसुखा मैं ही था.’ इसके बाद राजपाल और प्रेमानंद महाराज सहित सभा में बैठे तमाम लोग ठहाके मारकर हंसने लगे. फिर राजपाल ने कहा कि ये पागलपन मैं हमेशा रखना चाहता हूं.
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ललित कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी. इस दौरान वे मेडिकल, एजुकेशन और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को कवर किया करते थे. पत्रकारिता क…और पढ़ें
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