सोनभद्र/एबीएन न्यूज। राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश श्री पदुम नारायण द्विवेदी की अध्यक्षता में आज सर्किट हाउस चुर्क में सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लंबित अपीलों एवं शिकायतों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उन्होंने जनपद स्तर पर सूचना आयोग में लंबित प्रकरणों की बारी-बारी से समीक्षा करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्य सूचना आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी जाने वाली सूचनाएं आवेदकों को समय से उपलब्ध कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। कार्यालयों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जन सूचना से संबंधित अपीलों और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना प्रदान करने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।
उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि प्रयास यह होना चाहिए कि अधिकतर मामलों का निस्तारण जनपद स्तर पर ही कर लिया जाए, ताकि आयोग में प्रकरणों की संख्या कम हो। उन्होंने यह भी कहा कि सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी कई बार किसी पीड़ित के लिए न्याय या सहायता का माध्यम बन सकती है, इसलिए निर्धारित समयावधि के भीतर सूचना उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

समीक्षा बैठक के दौरान श्री द्विवेदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी मांगी गई छोटी सी सूचना भी किसी पीड़ित व्यक्ति के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है, क्योंकि सूचना प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने निर्देश दिया कि जो सूचना अभिलेखों में उपलब्ध है, उसे 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रकरणों का समय से निस्तारण हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से सूचना मांगकर किसी विभाग को परेशान करता है, तो संबंधित अधिकारी आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इससे मामलों का निष्पक्ष और न्यायोचित समाधान संभव हो सकेगा।
इस अवसर पर सदर विधायक श्री भूपेश चौबे, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) श्री वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री रमेश चंद्र सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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