बीना/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। एनसीएल बीना परियोजना के आवासीय परिसर में निर्माणाधीन बौद्ध विहार की भूमि से सोमवार को ठेकेदार का अवैध कब्जा हटा दिया गया। यह भूमि बुढ़वा होटल के पास स्थित है, जहां बौद्ध विहार पार्क का निर्माण प्रस्तावित है। अवैध कब्जा हटाने की यह कार्रवाई विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सिस्टा संगठन के संयुक्त प्रयास से की गई।
ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि उक्त स्थल बौद्ध विहार पार्क के निर्माण के लिए पूर्व में ही विधिवत रूप से आवंटित किया गया था। करीब पांच वर्ष पूर्व ठेकेदार का कार्य समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा बनाए रखा गया था। इसी कारण बौद्ध विहार पार्क का निर्माण कार्य लंबे समय से बाधित हो रहा था।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे से शाम 5 बजे तक एटक अध्यक्ष धीरेन्द्र यादव, एचएमएस अध्यक्ष अभिषेक सिंह, बीएमएस अध्यक्ष बुधेश्वर सिंह, वरुण सिंह, सीटू एवं एनसीपी एसएमयू के संजीव सिंह सहित सिस्टा संगठन के दर्जनों कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान ठेकेदार अजय सिंह ने दावा किया कि उक्त भूमि सिविल विभाग द्वारा उनके नाम आवंटित की गई थी। हालांकि जब पुलिस प्रशासन और ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने उनसे आवंटन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, तो वे कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद तत्काल जेसीबी मशीन की मदद से अवैध घेराबंदी हटवा दी गई।

सिस्टा संगठन के अध्यक्ष रोहित गौतम ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन महाप्रबंधक इंद्रजीत सिंह एवं ट्रेड यूनियनों की उपस्थिति में बौद्ध विहार का शिलान्यास किया गया था। उस समय प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि ठेकेदार का कार्य समाप्त होते ही संबंधित क्षेत्र को कब्जा मुक्त कर बौद्ध विहार के लिए सौंप दिया जाएगा। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी, कई बार पत्राचार के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया।
उन्होंने बताया कि ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गॉड द्वारा पाथवे निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए भूमि का कब्जा मुक्त होना आवश्यक था। अवैध कब्जा हटने के बाद अब पाथवे निर्माण कार्य संभव हो सका है। इस कार्रवाई में सहयोग देने के लिए सभी जेसीसी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।
इस मौके पर संजय, रामविलास, संतोष, दयाशंकर, सुभाष, सुलेन्द्र बैठा, डीडी राम, नन्द राम सिंघाड़ (कोषाध्यक्ष), मनोज कुमार, संजय, संदीप गौतम, कृष्णशीला अध्यक्ष, गौतम गोपाल मरांडी, महेंद्र प्रसाद, जगजीवन, जितेंद्र, आनंद, रामसेवक, परमजीत सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
![]()











