सोनभद्र/एबीएन न्यूज। पांच वर्ष पूर्व महिला के साथ दुष्कर्म कर निर्मम हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषसिद्ध पाए गए अभियुक्त हरिमंगल खरवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना जुगैल क्षेत्र के एक गांव निवासी मृतका के पिता ने 8 दिसंबर 2020 को जुगैल थाने में तहरीर देकर बताया था कि 7 दिसंबर 2020 को उसकी बेटी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में गई थी, लेकिन रात बीतने के बाद भी घर वापस नहीं लौटी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन किए जाने के बाद सूचना मिली कि खेत में एक महिला का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर उसकी पुत्री का शव बरामद हुआ। आरोप लगाया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने महिला के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर शव को खेत में फेंक दिया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। जांच के दौरान हरिमंगल खरवार पुत्र स्वर्गीय जुड़ावन खरवार, निवासी जुगैल टोला मचोही बेलगढ़ी, थाना जुगैल, जनपद सोनभद्र का नाम प्रकाश में आया। विवेचक द्वारा पर्याप्त साक्ष्य एकत्र करने के उपरांत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्क, गवाहों के बयान तथा पत्रावली का गहन अवलोकन करने के बाद अदालत ने हरिमंगल खरवार को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।
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