सोनभद्र/एबीएन न्यूज। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने जानकारी दी है कि जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में केंद्र सरकार द्वारा पारित विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन अधिनियम-2025 के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। यह अधिनियम ग्रामीण विकास व श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में सरकार का ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
सीडीओ के अनुसार, इस नए कानून में ग्रामीण श्रमिकों के लिए कार्य के दिवस 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिए गए हैं। साथ ही पारदर्शिता, जवाबदेही और श्रमिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़े गए हैं। विशेष ग्राम सभाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं तथा कमजोर वर्गों की भागीदारी पर विशेष बल दिया गया, ताकि योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचे।
डीसी उप श्रमायुक्त (स्वत: रोजगार) ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में निर्णय और गतिविधियों की रियल टाइम जियो टैग फोटो व वीडियोग्राफी ‘पंचायत निर्णय ऐप’ पर अपलोड की जा रही है। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि यदि श्रमिकों को काम मांगने पर नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः प्रदान किया जाएगा। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को प्रत्येक विलंबित दिवस पर मुआवजा देने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतें अब अपनी ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ स्वयं तैयार करेंगी। विकास कार्यों को चार मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है— जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन, तथा जलवायु परिवर्तन से बचाव। इन कार्यों का विवरण विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण संरचना स्टैक पर दर्ज किया जाएगा, ताकि भ्रष्टाचार व कार्यों के दोहराव पर रोक लग सके।
किसानों की सुविधा को देखते हुए अधिनियम में प्रावधान है कि बुवाई व कटाई के मुख्य कृषि सीजन (60 दिन) के दौरान सरकारी कार्य बंद रहेंगे, ताकि श्रमिक गांवों में उपलब्ध रहें और कृषि कार्य प्रभावित न हों। इसके साथ ही नए अधिनियम के लागू होते ही श्रमिकों को बढ़ी हुई मजदूरी दरों का लाभ प्राप्त होना शुरू हो जाएगा।
सीडीओ ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। साथ ही जनभागीदारी के माध्यम से ग्राम स्तर पर विकास की प्रक्रिया को मजबूत करेगा।
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