विंढमगंज/दुद्धी/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। रेलवे बोर्ड द्वारा धनबाद से भोपाल के बीच नई ट्रेन के संचालन को मंजूरी दिए जाने के बाद सोनभद्र के दुद्धी और विंढमगंज क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नई ट्रेन की अधिकृत ठहराव सूची में इन दोनों प्रमुख स्टेशनों को शामिल न किए जाने से स्थानीय नागरिकों में गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्र के साथ वर्षों से जारी सौतेले व्यवहार को दोहराता है।
दुद्धी को तहसील, कचहरी, ब्लॉक कार्यालय, महाविद्यालय, इंटर कॉलेज, नगर पंचायत सहित अनेक प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों के केंद्र के रूप में जाना जाता है। इसके बावजूद यहां से गुजरने वाली लंबी दूरी की नई ट्रेनों में दुद्धी को ठहराव नहीं दिया जाता। स्थानीय निवासी बताते हैं कि प्रतिदिन सैकड़ों यात्री विभिन्न राज्यों के लिए यात्रा करते हैं, लेकिन ठहराव न होने की वजह से उन्हें मजबूरन अन्य स्टेशनों का सहारा लेना पड़ता है।
इसी तरह, झारखंड–उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित विंढमगंज स्टेशन सैकड़ों गांवों के लिए प्रमुख आवागमन केंद्र है। यहां से झारखंड, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के यात्रियों का रोजाना आवागमन होता है। पिछले वर्ष रेल रोको संघर्ष समिति के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद कुछ ट्रेनों के ठहराव का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक सिर्फ सिंगरौली–पटना ट्रेन का ही ठहराव सुनिश्चित हो पाया है।
ठहराव न होने से छात्रों की शिक्षा, मरीजों के इलाज, कर्मचारियों की नौकरी और व्यापारियों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। आपात स्थिति में तो यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है, जब यात्रियों को तुरंत रेल सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती।
जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और संघर्ष समितियों ने चेतावनी दी है कि यदि धनबाद–भोपाल ट्रेन सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों का ठहराव दुद्धी और विंढमगंज में तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित नहीं किया गया, तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और रेलवे प्रशासन से ठोस कार्यवाही की अपेक्षा कर रहे हैं।
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