सिंगरौली/सोनभद्र/एबीएन न्यूज। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री अंतर सिंह आर्य ने बुधवार को नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के मुख्यालय का दौरा कर अनुसूचित जनजाति के कल्याण एवं विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में एनसीएल की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की तथा निगम की कार्यशैली को प्रशंसनीय बताया।
समीक्षा बैठक के दौरान माननीय अध्यक्ष ने एनसीएल द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत स्थानीय और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने बैगा बाहुल्य गांवों में शिक्षा के प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय देश की प्रगति और विकास यात्रा का अहम हिस्सा है और उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

बैठक में एनसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष कुमार ने आयोग के समक्ष अनुसूचित जनजाति के हितों की रक्षा एवं संवर्धन के लिए एनसीएल द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, आंतरिक चयन प्रणाली, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र, कर्मचारी कल्याण योजनाओं तथा प्रशिक्षण एवं विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी। साथ ही, जनजातीय समुदाय के लिए संचालित विभिन्न सीएसआर परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला।

अपने दौरे के दौरान माननीय अध्यक्ष श्री आर्य ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत एनसीएल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सरोकार निभाते हुए संविदा कर्मियों के बीच कंबल का वितरण भी किया।
इस अवसर पर एनसीएल के निदेशक (तकनीकी संचालन) श्री सुनील प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के वरीय उप निदेशक श्री आर.के. दुबे, एनसीएल मुख्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्ष तथा परियोजनाओं से आए मानव संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान एक विस्तृत पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से एनसीएल द्वारा अनुसूचित जनजाति के लिए किए जा रहे कल्याणकारी एवं सीएसआर कार्यों का भी अवलोकन कराया गया। इससे पूर्व माननीय अध्यक्ष ने जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने।
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