नई दिल्ली. थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है. ये तमिल सुपरस्टार की आखिरी फिल्म है, लेकिन अब इसपर तलवार लटक गई है. फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया जिसकी वजह से इसकी रिलीज पर तलवार लटक गई है. पहले 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार फिल्म समय पर सेंसर बोर्ड से पारित न होने की वजह से अटक गई है. अब ये मामाल सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. फिल्म की रिलीज पर रोक के साथ ही थलापति विजय एक और बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं.
थलापति विजय दो कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. पहला मामला एक्टर की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर है, जिसे उनकी आखिरी फिल्म बताया जा रहा है. वहीं दूसरा मामला एक्टर की रैली को लेकर है जिसमें हुई भगदड़ में कई लोगों ने जान गंवा दी थी. अब इन दोनों ही मामलों में कार्रवाई जारी है.
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‘जन नायकन’ के सर्टिफिकेट पर क्यों मचा विवाद?
मद्रास हाई कोर्ट ने थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ पर फिलहाल रोक लगा दी है. अब मेकर्स ने मद्रास हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है. ‘जन नायकन’ की प्रोडक्शन टीम के मुताबिक, फिल्म को दिसंबर में ही सेंसर सर्टिफिकेट के लिए सेंट्रल बोर्ड के पास जमा कर दिया गया था. शुरुआती जांच में बोर्ड ने कुछ हटाने और कुछ डायलॉग्स को म्यूट करने की सलाह दी थी. इन सुझावों पर अमल करने के बाद जब मेकर्स ने दोबारा सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास ‘जन नायकन’ भेजी तो इसको रीव्यू करने के बाद सीबीएफसी से इसे यू/ए सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की गई.
इस दौरान एक शिकायत में फिल्म पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा जिसके चलते बोर्ड ने मामले को रिवाइजिंग कमेटी के हवाले कर दिया. इसके बाद ये मामला मद्रास हाई कोर्ट पहुंचा जहां सिंगल बेंच ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन को फिल्म ‘जन नायकन’ को U/A 16 प्लस सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था. इस आदेश पर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच ने रोक लगा दी जिसके बाद मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है.
फिल्म के प्रोड्यूसर्स केबीएन प्रोडक्शन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए तर्क दिया है कि अगर अभी तक किसी ने फिल्म देखी नहीं है, तो ये दावा कैसे किया जा सकता है कि फिल्म धार्मिक भावनाएं आहत करती है. प्रोडक्शन हाउस ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की अपील की है. उनका कहना है कि फिल्म के समय पर रिलीज न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
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सीबीआई मुख्यालय क्यों पहुंचे थलापति विजय?
थलापति विजय के साथ उनके वकील भी सीबीआई मुख्यालय पहुंचे हैं. यहां पर एक्टर से उनकी रैली में हुई भगदड़ के बारे में पूछताछ की जाएगी.
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क्या था मामला?
ये मामला 27 सितंबर 2025 का है, जब तमिलनाडु के करूर में अभिनेता और राजनेता थलापति विजय की पार्टी टीवीके की एक जनसभा में भगदड़ मच गई थी. इस भगदड़ में कई लोग मारे गए, कई लोग घायल हुए. रैली में हुई इस भगदड़ में कम से कम 41 लोगों की जान गई और 110 से अधिक लोग घायल हो गए थे.
अब इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. आज सीबीआई हेडक्वार्टर में थलापति विजय से जो पूछताछ होगी उसके बाद सीबीआई इस मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एक एआईटी बनाकर यह मामला अपने हाथ में लिया था. अभी जांच एजेंसी इस मामले में सबूत इकट्ठा कर रही है. फिलहाल राजनेता विजय से पूछताछ जारी है.










