उत्तराखंड को यूं ही देवभूमि नहीं कहा जाता. यहां की हर घाटी, हर पर्वत और हर जंगल किसी न किसी पौराणिक कथा और आस्था के साथ ऐतिहासिक गहराई से जुड़ा हुआ है. इसी आस्था का प्रतीक है कटारमल सूर्य मंदिर अल्मोड़ा, उत्तराखंड में स्थित एक प्राचीन सूर्य मंदिर है, जोकि 9वीं शताब्दी में कत्युरी राजाओं द्वारा बनाया गया था.
पौष के अंतिम रविवार को भव्य मेला
यह मंदिर सूर्य देव को समर्पित है और इसकी वास्तुकला अद्वितीय है. मंदिर में 44 छोटे मंदिर हैं, जो विभिन्न देवताओं को समर्पित हैं. पूस (पौष) के अंतिम रविवार को मंदिर में भव्य मेला आयोजित होता हैं, जिसमे दूरदराज से श्रद्धालु की भीड़ उमड़ती है. लोग सूर्य देव की पूजा अर्चना और अनुष्ठान करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते है.
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की पूजा-अर्चना
कटारमल सूर्य मंदिर में प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पहुंची इस दौरान उन्होंने पूजा अर्चना कर प्रदेश व देश में ख़ुशहाली की कामना की. मंत्री ने कहा कि, ऐतिहासिक सूर्य मंदिर भव्य स्वरूप देने के लिए सरकार कार्य कर रही है और अधिक पर्यटक यहां आएं इसके लिए मानस खण्ड मेला मिशन से जोड़ा गया है.
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पर्वतीय अंचलों में आयोजित होने वाले पारंपरिक मेले हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था एवं ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक हैं. ऐसे आयोजन न केवल सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने कहा कि सड़क, संचार तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के बाद कटारमल सूर्य मंदिर एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है. देश-विदेश से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है.
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा शीघ्र ही कटारमल सूर्य मंदिर के सौंदरीकरण एवं संरक्षण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिसके लिए बजट स्वीकृत किया जा चुका है. इससे इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं में भी सुधार होगा.
‘विकास भी–विरासत भी’ की नीति
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तराखंड के सभी प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदरीकरण, संरक्षण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. यह प्रयास ‘विकास भी-विरासत भी’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा रोजगार सृजन, जनहित में कठिन निर्णय लेने तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अद्वितीय कार्य किए जा रहे हैं. सरकार सभी क्षेत्रों में सजगता एवं तत्परता के साथ जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंदिर परिसर में विधिवत पूजन एवं हवन कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की.
मंदिर की विशेषता
कटारमल सूर्य मंदिर की विशेषता यह है कि इसका निर्माण इस तरह किया गया है कि सूर्य की पहली किरणें सीधे मंदिर के अंदर स्थित सूर्य देव की मूर्ति पर पड़ती हैं. यह मंदिर अपनी वास्तुकला, शिल्पकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. कटारमल सूर्य मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है और यह मंदिर कत्युरी राजाओं के शासनकाल में बनाया गया था. यह मंदिर सूर्य देव की पूजा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र था और आज भी यह मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.
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