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बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान का कहना है कि उनके माता-पिता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके जीवन और करियर के अहम फैसलों में आखिरी फैसला उन्हीं का होता है. सुहाना ने बताया कि भले ही उन्होंने इंडस्ट्री में अपने दम पर कदम रखा है, लेकिन वह अब भी अपने माता-पिता से सलाह लेती हैं.
शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी और एक्ट्रेस सुहाना खान ने कहा, “मुझे अपने माता-पिता से पूछना ही पड़ता है. आखिरी फैसला उन्हीं का होता है.” सुहाना ने हाल ही में हार्पर्स बाजार इंडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों में भी उनके माता-पिता की सलाह उनके लिए सबसे अहम है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

फिलहाल अपनी पहली फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग कर रहीं सुहाना ने खुद को ऐसा इंसान बताया जो अपनी फीलिंग्स को फॉलो करती हैं, लेकिन कई बार ज्यादा सोचने लगती हैं, ऐसे में उनके माता-पिता उनकी मदद करते हैं. सुहाना खान ने बताया कि शाहरुख खान जहां गहराई से और फिलॉसफिकल तरीके से सलाह देते हैं, वहीं गौरी खान सीधे और प्रैक्टिकल तरीके से बात करती हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

सुहाना खान ने कहा, “इन दोनों के बीच मुझे बैलेंस मिलता है.” उन्होंने बताया कि उनके पेरेंट्स के अलग-अलग नजरिए उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करते हैं. सुहाना ने कहा कि भले ही वह ऐसे परिवार में पैदा हुई हैं जहां सिनेमा हमेशा मौजूद रहा है, लेकिन एक्टिंग के साथ उनका रिश्ता धीरे-धीरे बना. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)
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सुहाना खान ने कहा कि स्कूल प्ले में जबरदस्ती धकेले जाने से शुरू हुआ सफर बोर्डिंग स्कूल के दिनों में असली जुनून में बदल गया. एक बार जब उन्हें मनचाहा रोल नहीं मिला तो उन्हें एहसास हुआ कि वह स्टेज पर कितना रहना चाहती हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

यह गंभीरता आज भी उनके काम को दिशा देती है. सुहाना ने कहा कि वह नतीजे से ज्यादा प्रोसेस को अहमियत देती हैं और पब्लिक की राय से ज्यादा अपने काम पर फोकस करती हैं. चाहे एक्टिंग हो, फैशन हो या मैगजीन कवर, वह हर कदम सोच-समझकर उठाती हैं और आगे बढ़ने से पहले अक्सर अपने माता-पिता से सलाह लेती हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

सुहाना ने बताया कि जब भी उन्हें किसी बात को लेकर असमंजस होता है, तो सबसे पहले वह अपने माता-पिता को फोन करती हैं. उनके पिता जिंदगी और फैसलों पर विस्तार से सोचते हैं, जबकि उनकी मां साफ-साफ और सीधे तरीके से बात करती हैं. दोनों मिलकर उन्हें प्रेशर को संभालने में मदद करते हैं, ताकि वह उम्मीदों के बोझ तले दब न जाएं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

25 साल की सुहाना ने यह भी कहा कि वह अपनी शक्ल-सूरत को लेकर जुनूनी नहीं हैं और यह सोच वह किशोरावस्था से ही रखती आई हैं. उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि मैं दयालु, दिलचस्प और मजेदार रहूं, न कि अपनी खूबसूरती को लेकर परेशान रहूं.” सुहाना ने बताया कि उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करना पब्लिक की तारीफ से ज्यादा मायने रखता है.(फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)

काम से दूर सुहाना अपना सर्कल छोटा रखती हैं और ऐसी दोस्ती को अहमियत देती हैं जिसमें सहजता हो, न कि हमेशा साथ रहने की जरूरत. वह फिक्शन और फैंटेसी किताबें पढ़कर रिलैक्स करती हैं और भविष्य की चिंता करने के बजाय वर्तमान में रहना पसंद करती हैं. आने वाले साल में काम के लिए तैयार होते हुए सुहाना ने कहा कि वह अभी विरासत के बारे में नहीं सोच रही हैं. फिलहाल उनका फोकस सिर्फ इतना है – ज्यादा दिन सेट पर बिताना, ज्यादा सीखना और वही करना जो उन्हें पसंद है, अपने माता-पिता के साथ, जो उनके सबसे भरोसेमंद सलाहकार हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @suhanakhan2)
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