करिश्मा कपूर ने सौतन प्रिया कपूर की इस मांग को ‘तुच्छ’ और ‘निजी जानकारी हासिल करने का प्रयास’ करार दिया है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सामने जब यह मामला आया, तो करिश्मा के वकील ने अर्जी का जोरदार विरोध किया.
‘ये ओछी हरकत है’
करिश्मा कपूर की ओर से पेश वकील ने प्रिया कपूर की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि तलाक से जुड़े दस्तावेज पूरी तरह निजी हैं. उन्होंने कहा कि इन्हें सार्वजनिक या तीसरे पक्ष के लिए उपलब्ध कराना उचित नहीं है. लोलो के वकील ने इसे ‘ओछी और व्यक्तिगत व गोपनीय जानकारी खोदने की कोशिश’ बताया. कोर्ट ने करिश्मा कपूर को अपनी आपत्तियां अदालती रिकॉर्ड में दर्ज करने को कहा और इसके लिए उन्हें दो सप्ताह का समय दिया.
प्रिया कपूर ने क्या की मांग?
प्रिया की याचिका में ट्रांसफर पिटीशन (सिविल) नंबर 214 ऑफ 2016 के पूरे रिकॉर्ड्स मांगे गए हैं, जिसमें डिवोर्स पिटीशन, दस्तावेज, कोर्ट ऑर्डर्स और सेटलमेंट एग्रीमेंट शामिल हैं. याचिका में कहा गया है कि संजय ने 2016 में मुंबई फैमिली कोर्ट से दिल्ली ट्रांसफर की मांग की थी. दोनों पक्षों ने अमिकेबली सेटलमेंट किया और सुप्रीम कोर्ट ने 8 अप्रैल 2016 को पिटीशन डिस्पोज कर दी, जहां डिटेल्ड कंसेंट टर्म्स रिकॉर्ड किए गए. प्रिया ने दावा किया कि संजय की मौत (12 जून 2025) के बाद वे लीगल हेयर हैं और दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे सक्सेशन प्रोसीडिंग्स के लिए ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं ताकि फाइनेंशियल और चाइल्ड कस्टडी अरेंजमेंट्स का पता चले.
Ex ननद भी लोलो के साथ
संजय की बहन मंधिरा कपूर स्मिथ ने भी प्रिया की मांग पर सख्त रिएक्शन दिया, ANI को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘यह अनावश्यक और मिसप्लेस्ड है. अगर मेरे भाई इसे शेयर करना चाहते तो शादी के दौरान ही कर देते. अब यह रियलिटी से ध्यान भटकाने की कोशिश है. डिवोर्स कॉन्फिडेंशियल मैटर है, खासकर जब बच्चे शामिल हों. यह सिर्फ उन दो लोगों का बिजनेस है, प्रिया का इसमें कोई काम नहीं.’
30 हजार करोड़ की संपत्ति पर विवाद
यह विवाद संजय की 30 हजार करोड़ की एस्टेट पर करिश्मा के बच्चों समायरा (20) और कियान (14) द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल केस किया है. बच्चों ने वसीयत को ‘फॉर्ज्ड एंड फैब्रिकेटेड’ बताया है, जिसमें ज्यादातर संपत्ति प्रिया को मिलती है, जबकि करिश्मा के बच्चों, मां और भाई-बहनों को बाहर रखा गया है.










