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हिंदी सिनेमा के एक ऐसे एक्टर, जिन्हें आज हम डांसिंग सुपरस्टार के नाम से जानते हैं, उनके करियर की शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण रही थी. साल 1953 में बड़े पर्दे पर कदम रखने के बाद एक्टर को बॉक्स ऑफिस पर एक लंबे दौर तक असफलता का सामना करना पड़ा. शुरुआती तीन सालों में उन्होंने बैक-टू-बैक कई फिल्में कीं, लेकिन सफलता उनसे कोसों दूर रही और 18 फिल्में फ्लॉप साबित हुईं. उस दौर में जब बड़े-बड़े सितारों का बोलबाला था, इस एक्टर के लिए अपनी पहचान बनाना किसी संघर्ष से कम नहीं था.
नई दिल्ली. शम्मी कपूर को बॉलीवुड फिल्मों का पहला डांसिंग स्टार माना जाता है. फिल्म तुमसा नहीं देखा के जरिए वह रातों-रात दर्शकों के दिलों पर छा गए थे. दिलचस्प बात यह है कि यह फिल्म पहले देव आनंद के लिए थी, लेकिन किस्मत से शम्मी कपूर की झोली में आ गिरी. इसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उनके संघर्ष के दिनों को खत्म किया और उन्हें एक बड़ा स्टार बना दिया.

साल 1953 में फिल्म जीवन ज्योति से डेब्यू करने के बाद शम्मी कपूर को बॉक्स ऑफिस पर काफी बुरे दौर से गुजरना पड़ा था. यह उनके करियर की पहली हिट फिल्म थी. उस दौर में जब देव आनंद, दिलीप कुमार, मधुबाला, नरगिस और उनके बड़े भाई राज कपूर पर्दे पर राज करते थे, तब शम्मी कपूर अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

साल 1953 से 1956 के बीच शम्मी कपूर ने 18 फिल्मों में काम किया और हैरानी की बात यह है कि वे सभी फ्लॉप रहीं. लेकिन यह उनकी हिम्मत और जुनून ही था कि उन्होंने हार नहीं मानी और काम करते रहे, जब तक कि 1957 में उन्हें अपनी पहली सुपरहिट फिल्म तुमसा नहीं देखा नहीं मिल गई.
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फिल्म तुमसा नहीं देखा ने बॉक्स ऑफिस पर 1.25 करोड़ रुपये की कमाई की और यह शम्मी कपूर के करियर की पहली ऐसी फिल्म थी जिसने 1 करोड़ का आंकड़ा पार किया. उसी साल उनकी एक और हिट फिल्म आई ‘दिल देके देखो’, जिसने 90 लाख रुपये कमाए. शम्मी कपूर की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुका, उनकी अगली फिल्म सिंगापुर भी हिट रही और उसने 55 लाख रुपये का बिजनेस किया.

बॉक्स ऑफिस पर उनकी सबसे बड़ी कामयाबी 1961 में आई फिल्म ‘जंगली’ से मिली. इस फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘याहू’ और ‘एहसान तेरा होगा मुझ पर’ जैसे गाने जबरदस्त हिट रहे. ‘जंगली’ उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और इसने 2 करोड़ रुपये बटोरे.

इसके बाद 1962 में उन्होंने लगातार तीन हिट फिल्में ‘प्रोफेसर’ (1 करोड़), ‘दिल तेरा दीवाना’ (85 लाख) और ‘चाइना टाउन’ (70 लाख) दी. जल्द ही शम्मी कपूर ने अपनी म्यूजिकल हिट फिल्मों से दुनिया को अपना दीवाना बना दिया. इसकी शुरुआत फिल्म ‘राजकुमार’ के गाने ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ से हुई, जिसने 1.6 करोड़ कमाए, और फिर आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कश्मीर की कली’. इस फिल्म ने 1.4 करोड़ रुपये कमाए और इसका गाना ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’ आज भी लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है.

शम्मी कपूर बॉलीवुड के असली डांसिंग सुपरस्टार बन गए और ‘तीसरी मंजिल’, ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ और ‘ब्रह्मचारी’ जैसी फिल्मों के सुपरहिट गानों के दम पर बॉक्स ऑफिस पर राज किया. 1966 में आई ‘तीसरी मंजिल’ में ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ और ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ जैसे जबरदस्त गाने थे, जिसने 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की. इसके बाद 1967 में ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ ने 1.5 करोड़ और ‘ब्रह्मचारी’ ने 1.25 करोड़ रुपये कमाए. फिल्म ब्रह्मचारी के गाने ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ पर तो पूरी दुनिया झूम उठी थी.

भले ही शम्मी कपूर की हर फिल्म ‘जंगली’ की तरह चार्ट में टॉप पर न रही हो, लेकिन वह अकेले ऐसे सुपरस्टार थे, जिनके गाने लगातार हिट होते थे और दर्शकों को नाचने पर मजबूर कर देते थे. अपनी म्यूजिकल ब्लॉकबस्टर फिल्मों की वजह से वह हमेशा साल की टॉप-10 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में बने रहे. बतौर लीड एक्टर उनकी आखिरी हिट फिल्म 1971 में आई ‘अंदाज’ थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 2 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था.
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