05:52 AM, 18-Jan-2026
उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान घाटों पर लोगों के स्नान का क्रम लगातार जारी है। मौनी अमावस्या में मौन रखकर स्नान और दान का विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या के एक दिन पहले ही डेढ़ करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
#WATCH | Prayagraj, UP | Devotees brave the fog and cold as they arrive in large numbers at the Sangam Ghat to take a holy dip on the occasion of Mauni Amavasya.#MaghMela2026 pic.twitter.com/b45nOd7MrL
— ANI (@ANI) January 18, 2026
05:50 AM, 18-Jan-2026
निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल
मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट पर आ रहे हैं, जिसके चलते निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
#WATCH | Prayagraj, UP | Drones are being used for surveillance as devotees continue to arrive in large numbers at the Sangam Ghat to take a holy dip on the occasion of Mauni Amavasya. pic.twitter.com/u2MSl7XHsj
— ANI (@ANI) January 17, 2026
05:18 AM, 18-Jan-2026
आज मौनी अमावस्या स्नान पर जल, थल और नभ से रहेगी पुलिस की निगरानी
मौनी अमावस्या पर आज साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। इसे देखते हुए मेला पुलिस सक्रिय हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर मेला पुलिस क्षेत्र में जल, थल और नभ से निगरानी कर रही है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील पॉइंट्स पर नजर रखे जाने के साथ ड्रोन और जल पुलिस को सक्रिय किया गया है।
05:10 AM, 18-Jan-2026
Magh Mela Snan Live: मौनी अमावस्या आज, श्रद्धालु लगा रहे हैं संगम में आस्था की डुबकी; बढ़ने लगे आस्थावान
माघ महीने में संगम तट पर कल्पवास नहीं कर पाने वाले यदि मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर लें तो एक महीने के कल्पवास का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। इस बार मौनी पर बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योगों में डुबकी लग रही है। रविवार को पूरे दिन मंगल, बुध,शुक्र तथा चंद्रमा का भी योग शुभ फलदायी होगा। ऐसी भी मान्यता है मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण करते हुए त्रिवेणी में पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से तथा दान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक स्नान पर्वों पर सबसे अधिक पुण्य प्रदान करने वाले मौनी अमावस्या को ही माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त दान करने का भी विधान है। प्रशासन ने महास्नान के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।










