पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान किसी हाल में स्वीकार्य नहीं है। बटुकों को घसीटकर मारा जाना महापाप है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की बात पर उन्होंने तंज किया किया कि वह अपने स्वार्थ के लिए पद पर हैं। सपा मुखिया ने एआई समिट को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि जब तैयारी नहीं थी तो समिट क्यों की। नकली एआई की प्रस्तुति की गई। दूसरे देश के रोबोट को अपना बताना अपमानजनक है।
पूर्व मुख्यमंत्री यादव बुधवार को यहां एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए। मीडियाकर्मियों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का अपमान, भेदभाव और अन्याय अब नहीं सहा जाएगा। भाजपा सरकार फेल हो गई है और शंकराचार्य को अपमानित कर रही है। एनआरसी की बात पर कहा कि कागजात को ढूंढने में हिंदू अधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था चौपट है। अयोध्या में लोगों के घर और दीवारें बुलडोजर से तोड़ी जा रही हैं। लोगों को पहले नोटिस भी नहीं दिए गए।
भाजपा की सरकार में सबसे अधिक गैर कानूनी काम हो रहे हैं। भाजपा के लोग जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। किसी की सुनवाई नहीं हो रही है। शंकराचार्य के अलावा फौजियों, किसानों का अपमान किया जा रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तो चलती नहीं है। वह अपने स्वार्थ की वजह से पद पर बने हैं। उन्हें कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना तंज कसा कि सीएम टोक्यो और सिंगापुर देखकर आए हैं। दोनों डिप्टी सीएम की तुलना के सवाल पर हंसकर बोले कि दोनों किसी लायक नहीं हैं। इस मौके पर समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. इमरान, पूर्व विधायक सतीश निगम, महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू मौजूद रहे।











