रहिमापुर गांव स्थित एक गेस्ट हाउस में शुक्रवार की रात आयोजित बहुभोज में खाना खाने के बाद दर्जनों ग्रामीण उल्टी और दस्त के शिकार हो गए। शनिवार की सुबह बीमार लोगों को झूंसी के कई निजी अस्पतालों के साथ ही स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है।
शेरडीह गांव में उस समय खलबली मच गई, जब दावत से लौटे लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। सुबह होते-होते शेरडीह गांव के पूर्व प्रधान के पति शैलेंद्र यादव के परिवार के वीरेंद्र सिंह यादव बच्चा, असीम यादव के अलावा हिमांशु पाल, अस्मित यादव, अंकित पाल, आलोक यादव, रिशू यादव, अंशु यादव, राम सिंह, करतार सिंह, लक्ष्मीकांत, महेंद्र प्रताप, मिथिलेश, अभिषेक, कमलेश, राजू, जय सिंह समेत अन्य लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए।
शैलेंद्र यादव ने बताया कि कई लोगों की जीभ काली पड़ गई है। रहिमापुर के निजी हॉस्पिटल में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती कराए गए हैं। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि एक-दो मरीजों को छोड़कर सभी की हालत में सुधार हो रहा है। उन्होंने मामले की जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को दे दी है। दावत में शेरडीह के अलावा अन्य गांव के लोग भी शामिल थे। लोगों ने पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की है।
तबीतय बिगड़ने का नहीं कारण नहीं पता चला
बहुभोज में आखिर क्या खाने से लोगों की तबीयत बिगड़ी इसका कारण अभी पता नहीं चल सका है। आशंका है कि कोई एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलाए जाने के कारण फूड पॉयजनिंग हुई। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि हो सकता है कि किसी बासी खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल किया गया हो। उन्होंने गर्मी के मौसम में बासी खाना न खाने के साथ ही भोजन कम करने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है।










