पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गुरुवार को एयरलाइंस को नौ देशों के हवाई क्षेत्र से बचने और सुरक्षा जोखिम आकलन के तहत मजबूत आकस्मिक योजनाएं तैयार करने का निर्देश दिया है।
डीजीसीए की एडवाइजरी के अनुसार, एयरलाइंस को बहरीन, ईरान, इराक, इस्राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के हवाई क्षेत्र से हर ऊंचाई और स्तर पर उड़ान संचालन से परहेज करने को कहा गया है।
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ओमान और सऊदी अरब में कुछ शर्तों के साथ दी छूट
नियामक ने स्पष्ट किया कि इन प्रभावित हवाई क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का संचालन एयरलाइंस के अपने सुरक्षा जोखिम आकलन के आधार पर ही किया जाएगा। वहीं, भारतीय एयरलाइंस को ओमान और सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में कुछ शर्तों के साथ उड़ान संचालन की अनुमति दी गई है।
डीजीसीए ने यह भी निर्देश दिया है कि सऊदी अरब और ओमान के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरते समय 32,000 फीट (FL 320) से नीचे उड़ान संचालन न किया जाए, खासकर निर्धारित रिपोर्टिंग बिंदुओं के दक्षिण में स्थित क्षेत्रों में।
28 मार्च तक लागू रहेगी एडवाइजरी
एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्र के हवाई अड्डों के लिए संचालन करते समय एयरलाइंस को सभी संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ठोस आकस्मिक योजनाएं तैयार करनी होंगी। इसके साथ ही उड़ान दल को नवीनतम NOTAM (नोटिस टू एयर मिशन) और हवाई क्षेत्र से जुड़े प्रतिबंधों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है।
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डीजीसीए ने कहा कि हाल ही में अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के भीतर किए गए सैन्य हमलों के चलते नागरिक उड्डयन के लिए उच्च जोखिम वाला वातावरण बन गया है। इन हमलों के जवाब में ईरान द्वारा प्रतिशोधात्मक कदमों की घोषणा के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। यह एडवाइजरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी, जब तक कि इसे आगे संशोधित या प्रतिस्थापित नहीं किया जाता।
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