महाकुंभ का आज आखिरी दिन है. पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्र तक अब तक 65 करोड़ श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं. महाकुंभ के आखिरी शाही स्नान पर भी प्रयागराज में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी है.

प्रयागराज में महाशिवरात्रि पर महाकुंभ के आखिरी शाही स्नान में भक्तों का जनसैलाब उमड़ा. 6 बजे तक करीब डेढ़ करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं.

धार्मिक मान्यतानुसार कुंभ मेले के दौरान गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, शिप्रा आदि जैसी नदियों का जल अमृत के समान पवित्र हो जाता है. यही वजह है कि जहां-जहां कुंभ आयोजित होता है वहां स्नान करने वालों को पुण्य की प्राप्ति होती है.

प्रयागराज, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ, अर्धकुंभ और पूर्ण कुंभ का आयोजन होता है. पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान जब गरुण अमृत कलश लेकर जा रहे थे तब अमृत की कुछ बूंदी इन जगहों पर गिरी थी. यही वजहा है कि यहां एक सीमित अंतराल के बीच कुंभ का आयोजन होता है.

प्रयागराज के बाद अगला कुंभ मेला 2027 में नासिक में लगेगा. उसके बाद 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होगा.

धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति महाकुंभ में स्नान करनता है उसे इस जन्म के साथ-साथ पूर्व जन्म के सभी पापों से छुटकारा मिलता है और मृत्यु के बाद मोक्ष की भी प्राप्ति होती है
Published at : 26 Feb 2025 07:43 PM (IST)
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