प्रयागराज के मम्फोर्डगंज फव्वारा चौराहे के समीप इविवि के छात्र शशांक सिंह यादव (24) की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने छह नामजद समेत चार अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनमें शुभम उपाध्याय, सूरजभान, देवेश, अंशुल सिंह यादव, यश पांडेय समेत तीन से चार अज्ञात शामिल है। वहीं, लखनऊ की नेक्सन कार नंबर को स्कॉर्पियो में (फर्जी नंबर प्लेट) लगाकर वारदात को अंजाम दिया गया था।
कर्नलगंज थाना पुलिस ने सलोरी के रहने वाले शशांक के मामा सचिन कुमार की शिकायत पर हत्या, आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे मम्फोर्डगंज स्थित फव्वारा चौराहा स्थित बीएसए कार्यालय के पास भांजा शशांक उर्फ अमन अपने किसी काम से गया था।
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विपाल करते परिजन
– फोटो : अमर उजाला
वहां पर पहले से मौजूद काली रंग की गाड़ी में शुभम उपाध्याय समेत उक्त लोग बैठे थे। आरोप है कि शुभम की शशांक से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद सभी लोगों ने गाड़ी से उतर कर गाली-गलौज की और फिर लात-घूसों से पिटाई कर दी। सभी ने कहा कि इसको जान से मार डालो। तभी शशांक को गोली मार मौके से फरार हो गए।
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शशांक सिंह यादव की फाइल फोटो
– फोटो : अमर उजाला
नामजद सूरजभान की स्कॉर्पियो
पुलिस जांच में पता चला है कि जिस काली रंग की स्कॉर्पियो से वारदात को अंजाम दिया गया है। उस गाड़ी में नंबर प्लेट यूपी-32 का था। जब डिटेल निकाली गई तो पता चला कि यह नंबर स्कॉर्पियो का नहीं, बल्कि नेक्सन कार का है, जोकि लखनऊ में किसी रामअवतार के नाम पर नंबर रजिस्टर्ड है। जांच में पता चला कि यह स्कॉर्पियो नामजद सूरजभान की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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गमगमीन परिजन
– फोटो : अमर उजाला
मेरा इकलौता बेटा गया है, अपराधियों को सजा मिले
शशांक के पिता शिवकुमार यादव बांदा जिले में सेल्स टैक्स अधिकारी हैं। मंगलवार दोपहर दो बजे वह रोते-बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने बताया कि शशांक इकलौता बेटा था। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएससी करने के साथ ही एक कार एजेंसी में सेल्समैन था। आपस में कुछ भी पुरानी रंजिश हो, लेकिन मारना नहीं चाहिए था। शशांक पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं था। हत्यारों को सजा मिलेगी, तभी उनको इंसाफ मिलेगा।
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इंस्टा पर लिखी पोस्ट
– फोटो : अमर उजाला
पहले आपस में दोस्त थे आरोपी और शशांक
पुलिस की जांच में पता चला कि नामजद आरोपियों में सभी छात्र हैं। इनका आपस में गुट बना हुआ है। शशांक और शुभम पहले दोस्त थे। चर्चा ऐसी भी रही कि गर्लफ्रेंड को लेकर शशांक को मौत के घाट उतारा गया है। वहीं, देर-शाम करीब पांच बजे मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस की दो टीमें उक्त लोगों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है।