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Bollywood Suspense Thriller Film : 2025 का साल बॉलीवुड के लिए अब तक लकी साबित हुआ है. पिछले छह माह में करीब 17 फिल्मों ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है. कम बजट और ज्यादा कमाई की बात करें तो 2022 की एक फिल्म बेहद खास थी. इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बजट से कई गुना कमाई की थी.
2025 का साल बॉलीवुड के लिए अब तक लकी साबित हुआ है. पिछले छह माह में करीब 17 फिल्मों ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है. हाल ही में रिलीज हुई ‘सैयारा’फिल्म ने भी 300 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है. कम बजट और ज्यादा कमाई की बात करें तो 2022 में कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था लेकिन एक फिल्म बेहद खास थी. इस सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बजट से कई गुना कमाई की थी. 30 सितंबर 2022 को रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबर्दस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली थी. इन सब फैक्टर के चलते यह धांसू मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म का नाम बहुत ही यूनिक था. फिल्म थी : कांतारा

2 घंटे 28 मिनट की इस फिल्म को शुरू में कन्नड़ दर्शकों के लिए बनाया गया था. कन्नड़ भाषा में जबर्दस्त रिस्पांस को देखते हुए मेकर्स ने एक माह के अंदर ही तमिल, तेलुगू, मलयालम और हिंदी में डब करके रिलीज किया गया. फिल्म का क्लाइमैक्स इतना सस्पेंसफुल था कि सिनेमाघरों में दर्शक अपनी जगह से नहीं हिल पाते थे.

ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ ने बड़े पर्दे पर ऐसा जादू बिखेर था कि उस समय बॉलीवुड बनाम साउथ सिनेमा की बहस चल पड़ी थी. दोनों इंडस्ट्री के बीच तुलना होने लगी थी. फिल्म की कहानी आदिवासी समुदाय, स्थानीय मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित थी. गांव-देहात में आज भी नवरात्रि के समय ‘देव उतरने’ जैसी मान्यताएं प्रचलित हैं. लोग अपना नारियल चढ़ाते हैं और मनौती करते हैं. फिल्म की कहानी इस छोटी से मान्यता पर ही बेस्ड है. यह फिल्म एक ऐसी दुनिया में लेकर जाती है, जिसे देखकर दर्शकों का कलेजा सिहर जाता है.

फिल्म कांतारा में दिखाया गया जंगल को और ज्यादा नेचुरल लुक देने के लिए दो किलीमीटर के दायरे में मशीनों से धुआं किया गया था. फिल्म का म्यूजिक अजनीश लोकनाथ ने दिया था. आदिवासी जनजातियों के बीच जाकर धुनों को सुनकर उनमें थोड़ी बहुत चेंज के साथ म्यूजिक तैयार किया गया था ताकि कर्णप्रिय ज्यादा लगे.फिल्म में कर्नाटक की एक और प्रथा कंबाला को दिखाया गया है. इसमें भैंसों को कीचड़ भरे ट्रैक पर दौड़ाया जाता है. कर्नाटक का यह एक पारंपरिक उत्सव है.

फिल्म की शुरुआत और क्लाइमैक्स में भूताकोला दिखाया जाता है. इस भूताकोला को ऋषभ शेट्टी ने किया था लेकिन इसका निर्देशन उनके दोस्त राज शेट्टी ने किया था. भूताकोला को ऋषभ शेट्टी खुद ही डायरेक्ट करने वाले थे लेकिन सीन को करने के बाद उन्हें बार-बार कैमरा देखना पड़ता था. ऐसे में उन्होंने दोस्त की मदद ली.