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2005 का इस HIT फिल्म में नई नवेली हसीना ने लीड एक्ट्रेस का रोल निभाया और खूब वाहवाही लूटी. एक्ट्रेस को 76वीं बार में ऑडिशन को पास किया, जो मेकर्स के साथ दर्शकों के दिलों में छा गईं.
नई दिल्ली. साल 2005 में एक फिल्म रिलीज हुई, जो सिर्फ 8 करोड़ के बजट में तैयार हुई और करीब तीन गुना से ज्यादा कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर जमकर वाहवाही लूटी. ये उन क्लासिक फिल्मों में से है, जिसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाई बल्कि क्रिटिक्स से भी जमकर तारीफें बटोरीं. इस फिल्म की कहानी जब मेकर्स के पास पहुंची, तो उन्होंने इसके लिए ऐश्वर्या राय को कास्ट करना चाहा, लेकिन बात नहीं बन सकी. ऑडिशन हुए तो एक बार नहीं, कई बार हुए और 75 बार ऑडिशन में फेल होने के बाद मेकर्स ने 76वीं बार में नई-नवेली एक्ट्रेस को फिल्म के लिए चुना.

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर बंगाली उपन्यास पर आधारित इस फिल्म का नाम है ‘परिणीता’. 20 साल पहले रिलीज हुई ये फिल्म एक बार फिर से सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है, जिसके वजह से ये सुर्खियों में हैं. प्रदीप सरकार के निर्देशन नें बनी इस फिल्म में संजय दत्त, विद्या बालन और सैफ अली खान लीड रोल में थे और शांतनु मोइत्रा के संगीत ने फिल्म के जादू को और गहरा बना दिया था.

निर्माता विधु विनोद चोपड़ा ने साल 2012 में खुलासा किया था कि ‘परिणीता’ के लिए उनकी पहली पसंद ऐश्वर्या राय थीं. उन्होंने कहा था, ‘परिणीता’ के बारे में सोचा, तो मैंने तुरंत ऐश्वर्या राय जैसे चेहरे के बारे में सोचा. लड़की का किरदार ऐसा है कि दो पुरुष उससे प्यार में पड़ जाते हैं… इसलिए हीरोइन को बड़ा होना चाहिए.’ हालांकि, निर्देशक प्रदीप सरकार ने विद्या बालन का नाम सुझाया, जो उस वक्त फिल्मों में नई थीं.

विद्या बालन के लिए यह सफर आसान नहीं था. संगीतकार शांतनु मोइत्रा के मुताबिक, विद्या ने ‘परिणीता’ के लिए करीब 75 बार ऑडिशन दिया और हर बार रिजेक्ट हुईं. कई बड़ी एक्ट्रेसेस भी इस रोल के लिए ऑडिशन दे रही थीं. क्योंकि कहानी मेकर्स का मानना था कि फिल्म में हीरोइन को दो लोगों के साथ प्यार दिखाना है, इसलिए बड़ी एक्ट्रेस इसे सहजता से कर सकेगी.

शांतनु ने याद किया कि निर्देशक ने विद्या के लिए नए लुक्स की मांग की थी. उस समय, कई टॉप एक्ट्रेसेस भी वही ऑडिशन दे रही थीं. उस लड़की (विद्या) पर दबाव के बारे में सोचें. 75 बार रिजेक्ट होने के बाद, विद्या खुद को खुश करने के लिए ब्रायन एडम्स के कॉन्सर्ट में गईं.

शांतनु ने कहा, ‘उस समय, प्रदीप ने कहा, ‘चलो एक आखिरी ऑडिशन करते हैं’ और लगभग 3:30 बजे, वह जल्दी से आई और टेस्ट दिया, यह विश्वास करते हुए कि यह नहीं होगा और उसके टेस्ट के बाद, वह कॉन्सर्ट के लिए चली गई. विद्या ने आखरिकार कई ऑडिशन के बाद ये रोल मिला.

करीब 8 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘परिणीता’ ने भारत और विदेश में मिलाकर लगभग 24 करोड़ रुपये की कमाई की, यानी अपनी लागत से 3 गुना ज्यादा. फिल्म ने 19 बड़े अवॉर्ड जीते, जिनमें सर्वश्रेष्ठ डेब्यू के लिए विद्या बालन का फिल्मफेयर अवॉर्ड और बेस्ट आर्ट डायरेक्शन, बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन जैसे टेक्निकल अवॉर्ड्स भी शामिल हैं.

विद्या बालन ने इसे अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट मानती हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘परिणीता’ से ही सब शुरू हुआ. हर फ्रेम मेरे दिल का हिस्सा है और मैं हमेशा प्रदीप दा और विधु विनोद चोपड़ा की आभारी रहूंगी.’‘परिणीता’ का संगीत, संवाद और सिनेमैटोग्राफी आज भी दर्शकों के दिल में बसी है. 20 साल बाद भी इसके गाने और कहानी पुराने जमाने के प्यार की सादगी और खूबसूरती का एहसास कराते हैं.
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