भारत में दवा नियामक व्यवस्था को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए भारत सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नए और अहम पहल की शुरुआत की है। इसका नाम राज्य स्वास्थ्य नियामक उत्कृष्टता सूचकांक (SHRESTH) है। यह देश में पहली बार किसी तरह की रैंकिंग प्रणाली है जो राज्यों की दवा नियंत्रण प्रणाली का मूल्यांकन करेगी। यह इंडेक्स मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव द्वारा वर्चुअल तरीके से लॉन्च किया गया। इस मौके पर भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल डॉ राजीव सिंह रघुवंशी भी मौजूद थे।
अब समझिए क्या है SHRESTH इंडेक्स?
बता दें कि SHRESTH एक डाटा-आधारित मूल्यांकन प्रणाली है, जिससे राज्य यह जान सकें कि उनकी दवा नियंत्रण व्यवस्था कहां पर खड़ी है और उसे बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की दवा गुणवत्ता, सुरक्षा और नियामक व्यवस्था को रेटिंग देगा।
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इस इंडेक्स को लेकर क्या बोले स्वास्थ्य सचिव?
वहीं इस इंडेक्स को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि हर नागरिक की सेहत दवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी होती है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि दवाएं सुरक्षित, प्रभावी और भरोसेमंद हों। भारत को ‘दुनिया की फार्मेसी’ बनाए रखने के लिए राज्यों का सहयोग जरूरी है।
साथ ही मामले में डॉ रघुवंशी ने बताया कि राज्यों की दवा नियामक व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए SHRESTH इंडेक्स के तहत राज्यों को दो वर्गों में बांटा गया है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग स्टेट्स और डिस्ट्रीब्यूशन स्टेट्स शामिल है।
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इन दोनों वर्गों का मूल्यांकन अलग-अलग मानकों के आधार पर किया जाएगा। मैन्युफैक्चरिंग स्टेट्स के लिए 5 प्रमुख विषयों के अंतर्गत कुल 27 पैरामीटर तय किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं मानव संसाधन, आधारभूत ढांचा, लाइसेंसिंग गतिविधियां, निगरानी गतिविधियां और जवाबदेही। वहीं, डिस्ट्रीब्यूशन स्टेट्स के लिए 23 पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं।
राज्यों को महीने के इस तारीख को भेजना होगा डाटा
गौरतलब है कि रैंकिंग की प्रक्रिया के तहत हर राज्य को प्रत्येक माह की 25 तारीख तक अपना डेटा केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को भेजना होगा। इसके बाद, अगले महीने की पहली तारीख को उस डेटा का मूल्यांकन कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ परिणाम साझा किए जाएंगे।











