लखनऊ/एबीएन न्यूज। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व और निर्देशन में प्रदेशभर में गांव की समस्या – गांव में समाधान की अवधारणा को साकार करने के लिए लगातार ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक शुक्रवार को प्रदेश के हर विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में होने वाली इन चौपालों के माध्यम से अब तक लाखों ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही किया गया है।
डबल इंजन की सरकार सीधे गांवों तक पहुँच रही है। इन चौपालों से न केवल ग्रामीणों की व्यक्तिगत समस्याओं का निराकरण हो रहा है बल्कि सार्वजनिक मुद्दों का भी समाधान गांव पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। चौपालों से चल रही परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने में भी मदद मिल रही है और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल रही है।
शुक्रवार को प्रदेश की 1298 ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया, जिनमें 3507 प्रकरणों का निस्तारण ग्रामीण स्तर पर ही कर दिया गया। इन चौपालों में 3328 ब्लॉक स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी और 5751 ग्राम स्तरीय कर्मचारी मौजूद रहे, जबकि 62 हजार से अधिक ग्रामीणों ने इसमें सहभागिता की।
आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग श्री जी.एस. प्रियदर्शी ने बताया कि लगभग ढाई वर्षों से ग्राम चौपालों का सिलसिला निरंतर जारी है। अब तक 1 लाख 57 हजार से अधिक ग्राम चौपालें आयोजित की जा चुकी हैं और 5 लाख 46 हजार से अधिक समस्याओं/प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चौपालों का आयोजन विधिवत और प्रभावी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि चौपालों से पहले गांवों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा इनके व्यापक प्रचार-प्रसार से अधिक से अधिक ग्रामीणों को जोड़ा जाए।
गौरतलब है कि ग्राम चौपालें ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं, जहां ग्रामीणों को अपने गांव में ही समाधान मिल रहा है और शासन-प्रशासन की योजनाएं तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं।