हाल ही में डायरेक्टर अनिल शर्मा ने खुलासा किया कि ‘गदर’ की कहानी उन्हें उस वक्त सूझी थी, जब वह दो दिग्गजों के साथ एक और फिल्म पर काम कर रहे थे, जो दुर्भाग्यवश कभी बन ही नहीं पाई. News18 Showsha से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि वह दिलीप कुमार और धर्मेंद्र के साथ काम करना चाहते थे, लेकिन फिल्म कभी फ्लोर पर नहीं जा सकी.
कश्मीर नाम की फिल्म बना रहे थे अनिल शर्मा
कैसे मिली ‘गदर’ फिल्म की कहानी?
अनिल शर्मा कहते हैं, ‘उस फिल्म के एक सबप्लॉट के लिए मैं एक ऐसी कहानी तलाश रहा था, जो एक पाकिस्तानी लड़की और एक कश्मीरी लड़के के इर्द-गिर्द घूमती हो. और तभी मुझे गदर की कहानी मिली. वो सबप्लॉट ढूंढते-ढूंढते मुझे गदर की कहानी मिल गई. तो मैंने सोचा कि पहले गदर पर फोकस करता हूं और कश्मीर बाद में बनाऊंगा. वो कभी नहीं बनी, लेकिन गदर बन गई.’
होल्ड कर दी दिलीप कुमार-धर्मेंद्र की फिल्म
‘गदर’ की कहानी से अनिल शर्मा इस कदर इम्प्रेस हुए कि उन्होंने कश्मीर मूवी को कुछ समय के लिए होल्ड पर रख दिया. उन्होंने कहा, ‘जब वो कहानी मेरे पास आई, तो मुझे थरथराहट हो गई. मुझे पता था कि ये भारत की सबसे बड़ी हिट फिल्म बनेगी. मैं गदर की कहानी को लेकर इतना श्योर था कि मैंने कश्मीर को होल्ड पर रखने का फैसला किया. मेरे मन का कीड़ा इतना काटा मुझे कि मैंने कहा कि अब कुछ नहीं, सबसे पहले गदर बनेगी. जिंदगी का एक दुख रह गया कि मैं दिलीप साहब के साथ काम नहीं कर पाया.’
दिलीप कुमार ने किया था मोटिवेट
अनिल शर्मा ने यह भी बताया कि जब उन्होंने दिलीप कुमार से कहा कि वह पहले ‘गदर’ फिल्म बना रहे हैं तो उनका क्या रिएक्शन था. उन्होंने कहा, ‘जब मैंने उन्हें इसके बारे में बताया, तो उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई. उन्हें इससे क्या फर्क पड़ता? दिलीप कुमार तो दिलीप कुमार हैं. अगर कोई फिल्म नहीं बनी, तो उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. वो किसी भी फिल्म से बड़े हैं और उस समय उनके पास पहले से ही बहुत सी फिल्में लाइन में थीं. लेकिन उन्होंने मुझे गदर बनाने के लिए सच में प्रोत्साहित किया. उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई और कहा- लाले, तेरा जो मन करे, तू वही कर.’