सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। राष्ट्रीय कोयला लिमिटेड (एनसीएल) द्वारा देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से जयंत परियोजना विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रतिकर वितरण प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया। बुधवार को एनसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 33 प्रभावित परिवारों को अनुमोदित स्कीम के अनुसार प्रतिकर राशि का आंशिक भुगतान अग्रिम के रूप में प्रदान किया गया, जिससे परियोजना विस्तार की दिशा में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएमडी एनसीएल श्री बी. साईराम ने कहा कि परस्पर विश्वास, संवाद और सामंजस्य किसी भी विकास यात्रा की आधारशिला होते हैं। उन्होंने कहा कि “कंपनी और कम्यूनिटी दोनों, विश्वास के इसी मजबूत सेतु के कारण समृद्धि की ओर अग्रसर हैं। जयंत परियोजना विस्तार इसका जीवंत उदाहरण है।”
उन्होंने प्रतिकर वितरण की शुरुआत को मोरवा क्षेत्र और एनसीएल के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए जनप्रतिनिधियों, राज्य शासन, जिला प्रशासन तथा परियोजना प्रभावित हितग्राहियों के सहयोग को निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में सभी पक्षों का निरंतर सहयोग एनसीएल को राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में और मजबूत योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।
निदेशक (मानव संसाधन) श्री मनीष कुमार ने प्रतिकर वितरण के इस चरण को जयंत परियोजना विस्तार की दिशा में “मील का पत्थर” करार दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि एनसीएल प्रभावित परिवारों की सहभागिता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी।

इस अवसर पर निदेशक (वित्त) श्री रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री सुनील प्रसाद सिंह, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री आशुतोष द्विवेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री अजय कुमार जायसवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न मंचों के सदस्य तथा अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि जयंत परियोजना विस्तार की प्रगति जिन त्याग, सहयोग और समझदारी के आधार पर संभव हो रही है, उसका श्रेय परियोजना-प्रभावित भू-स्वामियों एवं परिसंपत्ति धारकों को जाता है। एनसीएल द्वारा प्रदान किया जा रहा प्रतिकर केवल औपचारिक स्वीकृति नहीं, बल्कि हितग्राहियों के धैर्य, सहयोग और राष्ट्रीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता में उनके योगदान के प्रति “आभार पत्र” है। कार्यक्रम का सफल आयोजन महाप्रबंधक श्री निरंजन रुक्मांगद के नेतृत्व में सिंगरौली पुनर्स्थापन सेल द्वारा किया गया।
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