जाजमऊ में अधिकारियों की अनदेखी और जिम्मेदारों की लापरवाही ने बुधवार को एक घर की खुशियां छीन लीं। घर के बाहर खेल रही तीन साल की मासूम अपना बैट लपकने के दौरान 10 फीट गहरे नाले में जा गिरी। चंद सेकेंड में उसकी नाले में डूबने से मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर से परिजनों को कलेजा फट गया। मौके पर पहुंचीं एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय ने लापरवाही के जिम्मेदार जाजमऊ टेनरी इफ्लुएंट ट्रीटमेंट एसोसिएशन (जटेटा) के पदाधिकारियों को फटकार लगाई। उन्हें दो दिन के अंदर खुले नाले को कवर कराने का नोटिस दिया। एसोसिएशन की ओर से परिजनों को मुआवजा देने की भी सिफारिश की गई।
मूलरूप लखनऊ के मोजमनगर निवासी जकी अहमद परिवार के साथ बुढि़याघाट पर रह रहे हैं। वह टेनरी में कार्य करते हैं। पत्नी मुस्तरा, बेटी अलीबा (7), अलीशा (5), सानिया (3) और अल्फिजा (3 माह) थे। बुधवार की शाम सभी बच्चियां मोहल्ले के अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सानिया हाथ में बैट लिए हुए थी। बुढि़याघाट के पास सड़क के किनारे टेनरियों से निकलने वाले दूषित पानी व अपशिष्ट निकासी के लिए नाला बना हुआ है। यहां से दूषित जल शोधित होने के लिए पीएस फोर ट्रीटमेंट प्लांट में जाता है। यह नाला करीब 100 मीटर तक खुला पड़ा है। सानिया खेलते हुए इसी नाले के पास पहुंच गई। हाथ से लिए बैट छूटकर 10 फीट गहरे नाले में चला गया। उसे लपकने के दौरान बच्ची का पैर फिसला और नाले में गिर गई। साथ खेल रहे बच्चों की चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बच्ची के नाले में गिरने की बात सुनकर मां मुस्तरा बदहवास हो गईं। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक मोहल्ले के सलमान ने नाले में उतरकर सानिया को बाहर निकाला। उसे कांशीराम अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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