एसआईआर को लेकर देशभर में सियासी माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के SIR वाले बयान पर आरएलएम (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वो बिहार में बहुत क्रांति कर रहे थे लेकिन प्रदेश की जनता ने उन्हें बता दिया है कि एसआईआर कोई मुद्दा नहीं है.
उपेंद्र कुशवाहा से जब मीडिया ने पूछा कि अखिलेश यादव कह रहे हैं कि एसआईआर अगर पूरे देश में लागू हो गया तो आने वाले समय में आंबेडकर द्वारा लागू किया गया संविधान का अधिकार भी छिन लिया जाएगा. इस पर उन्होंने कहा, ”एसआईआर कोई मुद्दा है ही नहीं, उसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं. अभी भी इनलोगों को भगवान सद्बुद्धि दे. इससे उनको कुछ भी लाभ नहीं होने वाला है.”
#WATCH | Patna, Bihar: On Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav’s statement on the SIR, RLM National President Upendra Kushwaha says, “They were doing a revolution in Bihar as well. The people of Bihar showed them that the SIR is not an issue… ” pic.twitter.com/yHH6X4MgOs
— ANI (@ANI) November 29, 2025
SIR के बहाने छीना जा रहा वोट का अधिकार-अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और बीजेपी दोनों मिले हुए हैं. एसआईआर के बहाने वोट डालने का अधिकार छीना जा रहा है. लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ पर जल्दबाजी का दबाव बनाया गया, जिसके कारण उन्होंने आत्महत्या की.
SIR को लेकर BJP जल्दबाजी में क्यों-अखिलेश यादव
उन्होंने कहा, ”समाजवादी पार्टी की शुरुआत से मांग रही है कि बीएलओ के ऊपर काम का दबाव न बढ़ाया जाए, क्योंकि एसआईआर बहुत जिम्मेदारी का काम है और सावधानी से काम करना होता है. एक बार फॉर्म रिजेक्ट हुआ तो वोट नहीं बना तो लोगों को कागजात लेकर भाग दौड़ करने पड़ेगी.” उन्होंने सवाल उठाए कि एसआईआर को लेकर बीजेपी जल्दबाजी में क्यों है?











