सोनभद्र/एबीएन न्यूज़। प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के लोगों—विशेषकर बच्चों, महिलाओं, किशोरियों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों तथा समाज के कमजोर वर्गों—को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन्हीं प्रयासों का एक सशक्त माध्यम है मिशन वात्सल्य, जिसके अंतर्गत बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास और सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।
मिशन वात्सल्य: बच्चों के लिए सुरक्षित और खुशहाल भविष्य की आधारशिला
केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की इस प्रमुख योजना का लक्ष्य है—हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल बचपन प्रदान करना, उन्हें शिक्षा, कौशल और अवसरों से जोड़ना तथा कठिन परिस्थितियों में बच्चों के लिए परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा देना।
यह योजना पूरी तरह किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुरूप संचालित की जा रही है।
योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकारें 60:40 के अनुपात में वित्तीय सहभागिता करती हैं।
कठिन परिस्थितियों वाले बच्चों के लिए सुरक्षित आश्रय
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत निम्न श्रेणी के बच्चों को राजकीय आश्रयों में सुरक्षित रखकर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं—
- घर से भागे हुए बच्चे
- गुमशुदा बच्चे
- तस्करी के शिकार बच्चे
- बाल श्रमिक
- सड़क पर रहने वाले बच्चे
- मादक द्रव्यों के सेवन से प्रभावित बच्चे
- बाल भिक्षुक
राज्य में कुल 59 राजकीय बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं जहां बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा, कौशल विकास एवं पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
दत्तक ग्रहण के माध्यम से बच्चों को नया परिवार
प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 75 राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण (SAAs) स्थापित किए गए हैं, जहां अनाथ, परित्यक्त या अभ्यर्पित बच्चों का सुरक्षित तरीके से दत्तक ग्रहण कराया जाता है।
- वर्ष 2017-18 से सितंबर 2025 तक कुल 1887 बच्चों को सुरक्षित दत्तक ग्रहण के माध्यम से पुनर्वासित किया गया।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितंबर 2025 तक 104 बच्चों को दत्तक ग्रहण कराया गया।
लखनऊ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों हेतु 3 राजकीय और 3 स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से संस्थाएं PPP मॉडल पर संचालित की जा रही हैं।
स्पॉन्सरशिप और फॉस्टर केयर से हजारों बच्चे लाभान्वित
- पिछले कुछ वर्षों में 42,776 बच्चों को स्पॉन्सरशिप का लाभ मिला।
- 11 बच्चों को फॉस्टर केयर योजना के अंतर्गत नए परिवार का सहारा मिला।
एक लाख से अधिक बच्चों की घर वापसी
प्रदेश में वर्ष 2017-18 से 2025 तक
👉 1,00,000 से अधिक बच्चों को उनके माता-पिता/अभिभावकों से मिलाया गया, जो मिशन वात्सल्य की एक बड़ी उपलब्धि है।
जिंदगी संवारने वाला कौशल प्रशिक्षण
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित संस्थाओं में अब तक
👉 5,000 से अधिक किशोर-किशोरियों और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया है।
सरकार के इन सतत प्रयासों से प्रदेश में बाल संरक्षण प्रणाली और अधिक प्रभावी हुई है और हजारों बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
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