तिब्बती ज्योतिष के अनुसार 2026 को “घोड़े का वर्ष” कहा गया है, और यह समय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है. यह वर्ष सामान्य नहीं बल्कि अग्नि तत्व से जुड़ा हुआ है, जिसे शक्ति, साहस और आत्मिक जागरण का प्रतीक माना जाता है. ऐसा संयोग कई दशकों में एक बार आता है, जब आध्यात्मिक ऊर्जा अपने शिखर पर होती है.

कैलाश पर्वत केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि चेतना और ब्रह्मांडीय शक्ति का केंद्र माना जाता है. हिन्दू, बौद्ध, जैन और तिब्बती परंपराओं में इसे सृष्टि का हृदय कहा गया है. मान्यता है कि घोड़े के वर्ष में कैलाश से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है, जिससे वहां किया गया ध्यान और साधना विशेष फलदायी होती है.
Published at : 24 Dec 2025 10:04 PM (IST)
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