लखनऊ/एबीएन न्यूज। शीतकाल के दौरान घने कोहरे से बढ़ती चुनौतियों के बीच भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ देख रहा है। दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, ऐसे में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल पूरी सतर्कता के साथ संरक्षा उपायों को मजबूत कर रहा है।
इसी कड़ी में मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री गौरव अग्रवाल ने सोमवार की मध्यरात्रि को औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वे अटरिया स्टेशन, तथा अटरिया-सीतापुर सेक्शन के मध्य स्थित गेट संख्या 62-सी/ई-2 एवं 54-सी/ई-3 पहुँचे और मौके पर तैनात स्टेशन मास्टर, पॉइंट्समैन, गेटमैन एवं परिचालन कर्मियों से विस्तृत बातचीत की।

निरीक्षण के दौरान DRM ने सभी कर्मचारियों को कोहरे के समय अतिरिक्त सतर्कता, संरक्षा नियमों के कड़ाई से अनुपालन तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीत ऋतु में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी कर्मचारी पूरी संजीदगी के साथ कार्य करें। इस निरीक्षण में वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी डॉ. शिल्पी कनौजिया भी मौजूद रहीं।

रेल मंडल प्रशासन ने शीतकाल में सुरक्षित संचालन के लिए कई अहम कदम उठाए हैं—
पटरियों पर गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है।
गेटमैनों को विशेष निर्देश और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश।
कर्मचारियों की प्रशिक्षण प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जा रहा है।
कोहरे में धीमी गति और सिग्नलिंग प्रक्रिया पर विशेष फोकस।
DRM गौरव अग्रवाल ने कहा, “रेल संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। औचक निरीक्षणों के माध्यम से हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी कर्मचारी सजग रहें और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मिले। यात्रियों से भी अनुरोध है कि वे संरक्षा नियमों का पालन करें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे को दें।”
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने आश्वस्त किया है कि शीतकाल में भी निर्बाध एवं सुरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और सतत मॉनिटरिंग जारी है।
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