केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार (8 दिसंबर 2025) को जम्मू कश्मीर सुरक्षा को लेकर रिव्यू बैठक की. इस बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा समेत सिक्योरिटी एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे. इस बैठक में आतंकवादी ढांचे और आतंकवादियों की फंडिंग को टारगेट करते हुए आतंक रोधी अभियानों को मिशन मोड में जारी रखने के लिए पर चर्चा हुई.
गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के कारण जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी इकोसिस्टम ध्वस्त हुआ. गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की. इस बैठक में आईबी के निदेशक, जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के प्रमुख औऱ अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, जम्मू और कश्मीर में शांति स्थापित करने और आतंकवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के निरंतर और समन्वित प्रयासों के कारण जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद का इकोसिस्टम ध्वस्त हो गया है.
केन्द्रीय गृह मंत्री ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को चौकसी बरतने का निर्देश दिया और तालमेल के साथ काम करते हुए अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद हासिल हुई उपलब्धियों को बरकरार रखने और ‘आतंक मुक्त जम्मू-कश्मीर’ के लक्ष्य को जल्द प्राप्त करने के लिए कार्य करने को कहा. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रयास में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
उन्होंने अधिकारियों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से चल रहे और भविष्य के अभियानों में सहायता के लिए सुरक्षा बलों को सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.










