सोनभद्र/एबीएन न्यूज। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रदेश के शहरी गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ से सिंगल क्लिक के माध्यम से लगभग दो लाख लाभार्थियों के खातों में प्रथम किश्त के रूप में कुल 2000 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे हस्तांतरित की। यह कार्यक्रम अपराह्न 3.00 बजे आयोजित किया गया, जिसका सजीव प्रसारण प्रदेश के समस्त जनपदों में किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के छह जनपदों वाराणसी, अयोध्या, अलीगढ़, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी एवं चित्रकूट के एक-एक लाभार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजना की प्रगति की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृति प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।

जनपद सोनभद्र में इस कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार, लोढ़ी में किया गया, जहां सदर विधायक श्री भूपेश चौबे, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) श्री वागीश कुमार शुक्ला, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती रूबी प्रसाद, परियोजना निदेशक डूडा श्री सुधांशु शेखर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान जनपद के नौ नगर निकायों के कुल 3655 लाभार्थियों के खातों में प्रथम किश्त के रूप में 36 करोड़ 55 लाख रुपये की धनराशि मुख्यमंत्री जी द्वारा सिंगल क्लिक से प्रेषित की गई।

मुख्य अतिथि सदर विधायक श्री भूपेश चौबे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गरीब एवं असहाय वर्ग के लिए पक्का आवास उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है, जिससे वे सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में विकास की गति निरंतर तेज हुई है और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है।

उन्होंने उपस्थित लाभार्थियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, जिससे शिक्षा का स्तर बढ़े और भविष्य में उनका परिवार आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन नागरिकों का नाम अभी मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं है, वे अपने संबंधित बूथ पर बीएलओ के माध्यम से नाम दर्ज कराएं तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम के अंत में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा योजना से संबंधित जानकारी लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई।
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