सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जनपद मुख्यालय पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर नवाचार अपनाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सदर विधायक भूपेश चौबे, जिलाधिकारी बी एन सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज राय सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन सड़कों का कार्य मार्च माह तक गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर बिना अनुमति सड़क काटी गई है और मरम्मत कार्य लंबित है, संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध लोक निर्माण विभाग एवं नगर पंचायत विभाग प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। अधिशासी अभियंता, जल निगम को निर्देशित किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समयानुसार जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए और आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित करते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिरौंजी और अर्जुन जैसे उपयोगी वृक्षों का व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को वृक्षारोपण की शपथ भी दिलाई।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, शौचालय, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण एवं आदर्श बनाने पर विशेष बल दिया।

विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद में निर्धारित समयानुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा ट्रांसफार्मरों की मरम्मत समयसीमा के भीतर की जाए। वहीं डीसी मनरेगा को जी राम योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।
प्रभारी मंत्री ने दोहराया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी विभागों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा और जनहित से जुड़े प्रत्येक कार्य को प्राथमिकता देनी होगी।
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