सोनभद्र/एबीएन न्यूज। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आज सोनभद्र जनपद के विकास भवन स्थित पंचायत रिसोर्स सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, किट एवं अन्य सामग्री वितरित की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 200 प्री-स्कूल किट, पोषण अभियान के अंतर्गत 200 पोषण पोटली, 500 आयुष्मान कार्ड, 50 वनाधिकार पट्टा, मुख्यमंत्री आवास योजना के 10 स्वीकृति पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के 10 लाभार्थियों तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इसके अतिरिक्त दो लाभार्थियों को मोटराइज्ड दोना मशीन प्रदान की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले बच्चों को प्रोत्साहित किया गया तथा 10 अनाथ बच्चियों को 1100 रुपये का चेक वितरित किया गया।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि आज 200 आंगनबाड़ियों को उपलब्ध कराई गई किट में कुर्सी, साइकिल सहित 22 से 23 प्रकार के उपकरण शामिल हैं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होंगे। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक इस प्रकार की सामग्री पहुंचे, जिससे बच्चों को पढ़ने-बैठने के लिए बेहतर वातावरण मिल सके।
वनाधिकार पट्टा वितरण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसके साथ खतौनी वितरण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देशित किया कि खतौनी संबंधी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया जाए तथा ग्राम स्तर पर चौपाल लगाकर भूमि विवादों का समाधान किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से भूमि संबंधी मामलों में तत्पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी गरीब की जमीन पर अवैध कब्जा न हो सके।
राज्यपाल ने स्वच्छता पर विशेष बल देते हुए कहा कि विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक 15 दिन में बच्चों के नाखून काटने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी की बच्चियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना भी की।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2026 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। टीबी रोगियों को बेहतर देखभाल और पोषक आहार की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि जब तक चिकित्सक रोगी को पूर्णतः टीबी मुक्त घोषित न करें, तब तक पोषण पोटली दी जानी चाहिए तथा उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
आयुष्मान कार्ड योजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसका लाभ जन-जन तक पहुंचे। स्वामित्व कार्ड योजना के अंतर्गत घर का मालिकाना हक पति और पत्नी दोनों के नाम पर दर्ज किए जाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री सूर्य घर योजना के तहत जनपद के प्रत्येक घर पर सोलर पैनल स्थापित कराने की आवश्यकता बताई। जीरो पावर्टी योजना और श्रम विभाग की योजनाओं के तहत प्राप्त धनराशि का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कृषक बंधुओं से मोटे अनाज की खेती के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने दो दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की। बेसिक शिक्षा विभाग, खादी विभाग, रेशम विभाग, उद्योग विभाग, महिला कल्याण विभाग, एनआरएलएम समूह, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उद्यान विभाग तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया।
इसके उपरांत राज्यपाल ने एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया, जहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में 100 बच्चियों का एचपीवी टीकाकरण किया गया।

इस अवसर पर राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग संजीव कुमार गोंड, विधायक सदर भूपेश चौबे, विधायक घोरावल डॉ. अनिल कुमार मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिलाधिकारी बी.एन. सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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