Last Updated:
रामायण-महाभारत-गीता भारत के पवित्र ग्रंथ है. जीवन को सच्ची राह दिखाते हैं. इन्हीं धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कहानी को आधार बनाकर बॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गईं. बॉलीवुड की कई फिल्मों का आधार यही ग्रंथ बने. ‘महाभारत’ की कहानी पर तो तीन फिल्में बनाई जा चुकी हैं. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन तीन फिल्मों में से दो सुपरहिट रहीं, एक मूवी की गिनती आज कल्ट क्लासिक मूवी में होती है. सिनेमाघरों में जब इन फिल्मों को दर्शकों ने देखा तो उन्हें एक पल के लिए भी अहसास नहीं हुआ कि ये कहानी महाभारत पर बेस्ड है. स्क्रिप्ट-स्क्रीनप्ले इतने शानदार अंदाज में लिखा गया था. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं…..
महाभारत की कहानी फिल्मकारों के लिए हमेशा आदर्श रही. इसी धार्मिक ग्रंथ से प्रेरित होकर कई फिल्मकारों ने फिल्में भी बनाईं. हिंदी सिनेमा में तीन ऐसी फिल्में भी आई जिनकी कहानी महाभारत पर बेस्ड थी. 32 साल के अंतराल में ये तीनों फिल्में सिनेमाघरों में आई थीं. दो फिल्में सुपरहिट भी रहीं. एक मूवी को तो श्याम बेनेगल ने डायरेक्ट किया था. शशि कपूर प्रोड्यूसर थे. ये फिल्में थीं : धरम-वीर, कलयुग और राजनीति. आइये जानते हैं तीनों फिल्मों से जुड़े दिलचस्प तथ्य…..

सबसे पहले बात करते हैं 6 सितंबर 1977 में रिलीज हुई फिल्म ‘धरम वीर’ की जिसका निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था. उन्होंने ‘खोया-पाया’ फॉर्मूले पर ‘धरम-वीर’ की स्टोरी अपनी राइटर्स टीम से लिखवाई थी. को ‘धरम-वीर’ रिलीज हुई. फिल्म में धर्मेंद्र-जीनत अमान, जीतेंद्र-नीतू सिंह, जीवन, रंजीत, प्राण जैसे सितारे लीड रोल में थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार आनंद बख्शी-विट्ठलभाई पटेल थे. फिल्म के यादगार गाने ‘सात अजूबे इस दुनिया में, आठवीं अपनी जोड़ी’, ‘ओ मेरी महबूबा, महबूबा महबूबा’ थे.

मनमोहन देसाई को महाभारत के पात्र कर्ण से लगाव था. इसी पात्र से इंस्पायर्ड होकर उन्होंने धरम-वीर की कहानी लिखवाई थी. देसाई ने अपने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्हें महाभारत में करण का पात्र बहुत पसंद था. इसीलिए उन्होंने धरम-वीर में धर्मेंद्र का किरदार गढ़ा. देसाई फिल्म के क्लाइमैक्स में धरम के कैरेक्टर को मारना चाहते था लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर्स ने ऐसा करने से रोका था. धरम-वीर 1977 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाले फिल्म थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google

24 जुलाई 1981 में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी जिसकी गिनती हिंदी सिनेम की कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. कहानी-डायलॉग में इतनी गहराई थी कि हर किसी का अर्थ दर्शकों ने अपने-अपने हिसाब से निकाला. जब फिल्म रिलीज हुईं तब सिनेमाघरों में दर्शक नहीं मिले लेकिन बाद में इस मूवी के प्रति दीवानगी देखने को मिली. श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी इस फिल्म का नाम ‘कलयुग’ था. मूवी को बेस्ट फिल्म फेयर का अवॉर्ड भी जीता था. आज यह फिल्म मास्टरपीस मानी जाती है. यह एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी. शशि कपूर प्रोड्यूसर थे. शशि कपूर ने कॉमर्शियल फिल्मों पैसा कमाते थे और आर्ट फिल्में बनाते थे. कलयुग फिल्म आधुनिक समय की महाभारत कही जाती है. कहानी महाभारत से ली गई ती बस उसका बैकग्राउंड कॉर्पोरेट रखा गया. एक घराना पांडव जैसा है तो दूसरा कौरवों जैसा था.

महाभारत से ही मिलते-जुलते पात्र फिल्म में दिखाई देते हैं. फिल्म के तीन राइटर श्याम बेनेगल, सत्यदेव दुबे और गिरीश कर्नाड ने बहुत ही शानदार कोशिश करके महाभारत जैसे महाकाव्य को तीन घंटे की फिल्म में बदला. शशि कपूर, रेखा, राज बब्बर, अनंत नाग, विक्टर बनर्जी, कुलभूषण खरबंदा, रीमा लागू, सुप्रिया पाठक, एके हंगल, सुष्मा सेठ, ओम पुरी, आकाश खुराना जैसे सितारे से सजी इस फिल्म को 3 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. बेस्ट फिल्म का फिल्म फेयर अवॉर्ड शशि कपूर को मिला था. फिल्म की कहानी एक कॉन्ट्रैक्ट से शुरू होती है. एक परिवार को मिलता है जबकि दूसरे से यह कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिलता. फिर दोनों परिवारों के बीच षड़यंत्रों का दौर शुरू होता है. बात हत्या तक पहुंच जाती है.

फिल्म की कहानी के मुताबिक, रामचंद और भीष्मचंद दो भाई हैं. दोनों का बहुत बड़ा बिजनेस है. भीष्मचंद (एके हंगल) ने पूरी जिंदगी ब्रह्मचर्य रहने की कसम खा रही है लेकिन वो रामचंद के निधन के बाद उनके दोनों बेटे की जिम्मेदारी भी उठाते हैं. रामचंद के दो बेटे हैं : खूबचंद और पूरनचंद. खूबचंद के दो बेटे हैं : धनराज (विक्टर बनर्जी) और संदीप राज (आकाश खुराना). पूरनचंद की कुछ साल पहले मौत हो चुकी थी. उसके तीन बेटे हैं : धर्मराज (राज बब्बर), बलराज (कुलभूषण खरबंदा) और भरतराज (अनंत नाग). फिल्म में दोनों परिवारों के बीच टेंडर लेने, बिजनेस फैलाने को लेकर आपसी लड़ाई दिखाई गई है. मूवी में धनराज (विक्टर बनर्जी) का रोल दुर्योधन, संदीप राज (आकाश खुराना) का कैरेक्टर दुशासन से मिलता-जुलता है. धर्मराज (राज बब्बर) ने युधिष्ठर, बलराज (कुलभूषण खरबंदा) ने भीम, भरतराज (अनंत नाग) ने अर्जुन का किरदार निभाया है. सुष्मा सेठ का किरदार पांडवों की माता कुंती से जबकि एके हंगल का भीष्म पितामह जैसा है. रेखा का किरदार द्रोपदी से मिलता जुलता है. शादी धर्मराज (राज बब्बर) से होती है लेकिन वो भरत राज (अनंत नाग) की ओर आकर्षित है. शशि कपूर का किरदार कर्ण जैसा था. अमरीश पुरी के कैरेक्टर का नाम कृष्ण चंद है. उनका रोल भगवान कृष्ण से इंस्पायर्ड था.

डायरेक्टर-प्रोड्यूसर प्रकाश झा ने क्राइम-राजनीति के गठजोड़ पर पॉलिटिकल ड्रमा बेस्ड एक फिल्म बनाई थी जिसका एक डायलॉग ‘करारा जवाब मिलेगा’ कालजयी साबित हुआ. 4 जून 2010 में रिलीज हुई ‘राजनीति’ फिल्म में रनबीर कपूर का पावरफुल रोल था. इस पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म का स्क्रीनप्ले अंजुम राजाबाली और प्रकाश झा ने लिखा था. कहानी प्रकाश झा ने लिखी थी. डायरेक्शन-प्रोडक्शन प्रकाश झा ने ही किया था. मूवी महाभारत की कहानी पर बेस्ड थी. दो परिवारों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता को रोमांचक अंदाज में दिखाया गया था. फिल्म में अजय देवगन, रनबीर कपूर, मनोज बाजपेयी, अर्जुन रामपाल, कैटरीना कैफ, नाना पाटेकर और नसीरुद्दीन शाह जैसे दिग्गज सितारे नजर आए थे.

फिल्म के किरदार महाभारत के किरदारों से मिलते-जुलते थे. कहानी भी महाभारत के समानांतर चलती है. रनबीर ने अर्जुन, अजय देवगन ने कर्ण, नाना पाटेकर ने कृष्ण, अर्जुन रामपाल ने भीम, मनोज बाजपेयी ने दुर्योधन, कैटरीना कैफ ने द्रोपदी से कैरेक्टर से मिलता-जुलता किरदार निभाया था. राजनीति फिल्म का एक डायलॉग करारा जवाब मिलेगा’ कालजयी साबित हुआ. दिलचस्प बात यह है कि इस डायलॉग को प्रकाश झा फिल्म से निकालना चाहते थे. मनोज बाजपेयी का रोल महाभारत के दुर्योधन से इंस्पायर्ड था. फिल्म का बेसिक प्लॉट महाभारत पर बेस्ड था. मूवी के कई सीन 1972 की हॉलीवुड फिल्म गॉडफादर से लिए गए थे. रनबीर कपूर का पूरा किरदार माइकल कोरलेओन से इंस्पायर्ड था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.
![]()










