नई दिल्ली. न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2026 में ‘सूबेदार’ स्टार अनिल कपूर पहुंचे. जहां उन्होंने अपने झक्कास स्टाइल से एक बार फिर से महफिल लूट ली. हंसी-मजाक से शुरू हुई बातों के साथ अनिल कपूर ने अपनी न ढलती हुई उम्र का राज और बॉलीवुड में अपने फिल्मी करियर के बारे में खुलकर बात की. मिस्टर इंडिया, तेजाब, बेटा नायक और राम लखन जैसी फिल्म में अलग-अलग किरदारों से लोगों को लुभाने वाले अनिल कपूर जल्द फिल्म ‘सूबेदार’ में नजर आने वाले हैं. बातचीत में उन्होंने ये भी बताया कि सदी का महान कलाकार आखिर कौन है.
अनिल कपूर ने न्यूज18 राइजिंग भारत समिट 2026 में बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की चुनौतियां, डिजिटल युग में सिनेमा की भूमिका पर खुलकर बात की. उन्होंने उस फिल्म के बारे में भी बताया कि आखिर किसके लिए उन्हें याद किया जाना चाहिए.
कैसे 69 साल में भी जवां हैं एक्टर
जब उनसे पूछा गया कि आखिर वो क्या राज है जो इस 70 की उम्र में भी पुराने ही अनिल लग रहे हैं. तो उन्होंने हंसते हुए कहा मुझे लगाता है ये एआई की वजह से हुआ. मेरे अंदर एक एआई है. उन्होंने कहा कि मैं अपनी काम परिवार, दोस्त और अपने काम को प्यार करता हूं. समय से खाना, एक्सरसाइज सब करता और खुश रहता हूं. शायद यहीं कारण है.
‘कपूर’ सरनेम पर क्या बोले अनिल
जब अनिल कपूर से पूछा गया क्या शुरुआत में कभी ऐसा मन में आया कि ‘कपूर’ परिवार जैसा हमारा नाम भी हो. उन्होंने बताया कि मेरा पूरा परिवार राज कपूर के परिवार के बेहद करीब था. लेकिन मैंने कभी ऐसा कभी नहीं सोचा… हां मैं उनसे प्रेरित जरूर हुआ. उन्होंने कहा कि पृथ्वीराज, राज कपूर, शम्मी कपूर, शशि कपूर, ऋषि कपूर अब रणबीर, करीना… मुझे लगा कि ये इतने स्पेशल हैं तो मुजे अपनी एक अलग पहचान बनानी है. उन्होंने कहा कि मैंने शुरुआत में जो फिल्में कि वो फिल्में कि जो मुझे खुशी देती थी.
मैंने बेस्ट फिल्ममेकर्स के साथ काम किया
अपने करियर की शुरुआत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जर्नी आसान नहीं थी. शुरुआत में फिल्में रिलीज नहीं थी या लेट होती थी, तो दुख होता था. लेकिन ये जर्नी का पार्ट है. इसने आगे के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा लेकिन ईश्वर की मुझ पर दया थी. मैं भाग्य पर भरोसा करता हूं. मैंने बेस्ट फिल्ममेकर्स के साथ काम किया. बेस्ट को-स्टार के साथ काम किया. मेरा काम जावेद साहब ने देखा और मेरा नाम यश चोपड़ा को सजेस्ट किया. ऐसे मेरे शुरुआत ‘वो सात दिन’ से हुई. फिर सुभाष घई के साथ हुई.
खूब लिए रिस्क
अनिल कपूर ने अपनी लाइफ में कई रिस्क लिए. परिंदा, लम्हें, ईश्वर जैसी फिल्मों पर उन्होंने कहा कि मैं खुद को चैलेंज देता रहता हूं. उन्होंने कहा कि मैंने बहुत सारी फिल्में ऐसी कि है, जो पेपर पर रिस्की दिखाई देता है. लेकिन फिर लोग तय करते हैं कि वो है या नहीं. उन्होंने कहा कि ये जर्नी सीखने की है और आज भी मैं सीख रहा हूं. उन्होंने दिल धड़कने दो, वेलकम, स्लमडॉग मिलियनेयर , 24 शो, नाइट मैनेजर जैसे फिल्मों के साथ कुछ नया करने की कोशिश की. उन्होंने कहा, लंबी पारी खेलने के लिए डर को स्वीकार करना, जिज्ञासु बने रहना और लगातार खुद को विकसित करते रहना बेहद जरूरी है.
‘मेरी पत्नी मुझसे बेहतर हैं’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पत्नी उनके लगातार सीखते रहने में कोई भूमिका निभाती हैं, तो कपूर ने बिना झिझक जवाब दिया ‘बिल्कुल, सौ प्रतिशत. मुझे हमेशा लगता है कि महिलाएं अधिक श्रेष्ठ होती हैं और निश्चित रूप से मेरी पत्नी हर मायने में मुझसे बेहतर हैं.’
लुक बदलने वाला रिस्क नहीं लिया?
जब उनसे पूछा गया कि आपने कभी अपना लुक नहीं बदाल. एक दो फिल्मों में आपने बिना मूंछ के फिल्में की. लेकिन फिर नहीं की ऐसा क्यों? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि दुनिया में सदी का महानायक कौन है? चार्ली चैप्लिन… उन्होंने अगर अपनी मूंछों के साथ दुनिया का दिल जीता…उन्होंने कहा कि ये सब बाहर की चीजें हैं लेकिन आप अंदर से कैसे हैं, आप कैसे लोगों से कनेक्ट करते है, ये जरूरी है. ये चार्ली चैप्लिन ने किया, दिलीप कुमार ने किया, ये नसीरुद्दीन शाह और अमिताभ बच्चन साहब कर रहे हैं. आज यंग एक्टर काफी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन आप देख सकते हैं कि आज स्टारडम लुक से नहीं आता. अब स्टार को इमोशनली अपने किरदार से जुड़ना पड़ता है.
अनिल कपूर को किस फिल्म के लिए याद किया जाए?
उन्होंने कहा कि मैं पीछे मुड़कर नहीं देखता हूं और मैं अगर यहां कहूंगा तो लोगों को लगेगा कि मैं प्रमोशन कर रही हूं. लेकिन मैं उस फिल्म के लिए खुद पर गर्व महसूस करती हूं. उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि लोग मुझे इस फिल्म के लिए देखेंगे.











