अमेरिका में एआई कंपनी के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप ने तेवर सख्त कर दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक टेक्नोलॉजी का उपयोग तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ पेंटागन और एंथ्रोपिक आमने-सामने आ चुके हैं। ट्रंप के एजेंसियों को दिए सख्त आदेश के बाद रिपोर्ट्स के मुताबिक एंथ्रोपिक ने अपनी एआई तकनीक पर ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ का लेबल लगाने के मामले में पेंटागन को अदालत में चुनौती देगा।
दरअसल, अमेरिका का रक्षा विभाग पेंटागन प्रसिद्ध एआई कंपनी एंथ्रोपिक के साथ उस वक्त गंभीर विवाद में फंस गया है। जब उसने एंथ्रोपिक से कह रहा है कि उसके एआई मॉडल क्लाउड (Claude) को अमेरिकी सेना में बिना रोक-टोक उपयोग करने की अनुमति दें। इसी के साथ कहा गया कि अगर एआई कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसे सप्लाई चेन रिस्क के रूप में नामित करने की भी चेतावनी दी। यह ऐसा गंभीर कदम है, जो उसके व्यापार को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और अन्य अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर एंथ्रोपिक की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कंपनी शुक्रवार की समय सीमा तक अपनी एआई तकनीक का सेना को अप्रतिबंधित उपयोग करने की अनुमति देने में विफल रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘हमें इसकी जरूरत नहीं है, हम इसे नहीं चाहते हैं, और हम उनके साथ दोबारा कभी व्यापार नहीं करेंगे!’
हेगसेथ ने कंपनी को ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ भी माना, यह एक ऐसा पदनाम है, जो आमतौर पर उन विदेशी प्रतिद्वंद्वियों पर लगाया जाता है, जो अन्य व्यवसायों के साथ कंपनी की महत्वपूर्ण साझेदारी को पटरी से उतार सकते हैं।
इस बीच एंथ्रोपिक ने कहा कि यह पदनाम (सप्लाई चेन जोखिम) कानूनी रूप से गलत होगा और सरकार के साथ बातचीत करने वाली किसी भी अमेरिकी कंपनी के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा।
एंथ्रोपिक ने कहा था कि उसने पेंटागन से कुछ सीमित आश्वासन मांगे थे कि उसके एआई चैटबॉट क्लाउड का इस्तेमाल अमेरिकियों की बड़े पैमाने पर निगरानी या पूरी तरह से स्वायत्त हथियारों में नहीं किया जाएगा। पेंटागन ने कहा कि उसे ऐसे उपयोगों में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह इस तकनीक को केवल कानूनी तरीकों से ही तैनात करेगा, लेकिन उसने बिना किसी प्रतिबंध के इसकी पहुंच पर भी जोर दिया।











