अलीगढ़ शहर की यातायात व्यवस्था सभी प्रमुख सड़कों, चौराहों व ओवरब्रिज आदि का निर्माण पूरा होने के बाद ही सुधर सकेगी। मगर फिलहाल आने वाले कुछ दिनों में शहर के ट्रैफिक लाइट व सिग्नलों में एक बदलाव जरूर किया जा रहा है कि इन लाइटों व सिग्नलों का संचालन चौराहे पर तैनात ट्रैफिककर्मी वहां की जरूरत के अनुसार कर सकेगा। पिछले दिनों विधान परिषद समिति के समक्ष यह मुद्दा उठने के बाद यातायात पुलिस व स्मार्ट सिटी द्वारा इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। संकेत हैं कि एनसीआर आधारित एआई आधारित रिमोट सिस्टम वाली यह सहूलियत आने वाले दिनों में चौराहों पर मिलने लगेगी।
विधान परिषद की समिति के समक्ष मुद्दा उठा था कि शहर के चौराहों पर लगी लाइटों में लाल, हरी या पीली बत्ती का समय तय नहीं है। कहीं जरूरत दस सेकंड की है तो वहां 20 सेकंड का समय कर रखा है और जहां जरूरत 20 सेकंड की है तो दस सेकंड का समय तय कर रखा है। ऐसे में चौराहों पर यातायात समस्या बन जाती है। इस समिति के निर्देश के बाद यातायात पुलिस स्तर से शहर में एक सर्वे किया गया। जिसमें यह पाया गया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत परियोजना शुरू होने के समय कुल 38 लाइटें लगवाई गई थीं। जिनमें से 17 वर्तमान में चालू अवस्था में हैं। इन 17 में कुछ अस्थायी तौर पर निर्माण के चलते बंद कर रखी हैं। बाकी बंद लाइटें या अलग अलग कारणों से या तो बंद कर दी गईं या फिर हटवा दी गईं।
हालांकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का पूरा सिस्टम आई ट्रिपल सी से एआई बेस्ड है और वहीं से कंट्रोल होता है। एक फाइबर वायरिंग इसके लिए पहले से बिछी हुई है। मगर अब इसी में एनसीआर की तर्ज पर यह सुविधा जाेड़ी जाएगी, जिसमें किसी एक दिशा के दो या तीन प्रमुख चौराहों पर तैनात यातायातकर्मी उन लाइटों का एआई बेस्ड रिमोट से जरूरत के अनुसार संचालन कर सके। इस दिशा में बहुत जल्द शुरुआत के संकेत हैं। एसएसपी नीरज जादौन बताते हैं कि विधान परिषद की समिति के समक्ष विषय उठा था। इसी क्रम में यातायात पुलिस व स्मार्ट सिटी इस दिशा में प्रयासरत हैं।
यातायात संबंधी बहुत कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर शुक्रवार को बैठक होनी है। जिसमें कुछ बाजारों में वन-वे प्लान भी है। उसी में सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।-प्रेमप्रकाश मीणा, नगर आयुक्त










