नई दिल्ली. रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर: द रिवेंज’ रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है, लेकिन अब इस फिल्म पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. जहां एक ओर राम गोपाल वर्मा जैसे दिग्गज फिल्मकार इसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं अब साउथ के़ जाने-माने राइटर और डायरेक्टर देवदत्त शाजी ने एक क्रिप्टिक पोस्ट कर बहस छेड़ दी है. मलयालम राइटर ने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक नोट शेयर किया है, जिसे इंटरनेट धुरंधर 2 पर तंज मान रहा है.
देवदत्त शाजी साउथ के जाने-माने नाम हैं. उन्होंने साल 2022 में ममूटी की सुपरहिट फिल्म ‘भीष्म पर्व’ की कहानी लिखी थी और 2025 में फिल्म ‘धीरन’ का निर्देशन किया. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसने हलचल मचा दी.
देवदत्त शाजी का क्रिप्टिक पोस्ट
उन्होंने अपने इंस्टास्टोरी पर लिखा- ‘अगर कोई फिल्म किसी गलत विचार (रॉन्ग आइडिया) को सही साबित करने के लिए हाई क्वालिटी मेकिंग का इस्तेमाल करती है, तो वह तकनीकी कौशल (टेक्निकल स्किल) ‘मैनिपुलेशन’ का टूल बन जाती है’.
लोगों के क्यों लगा हो रही है धुरंधर 2 की बात
देवदत्त शाजी ने इस पोस्ट के साथ पहली ‘धुरंधर’ फिल्म का गाना ‘FA9LA’ भी लगाया, जिससे इंटरनेट यूजर्स के लिए इशारे को समझना मुश्किल नहीं था. हालांकि उन्होंने ‘धुरंधर 2’ का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके पोस्ट को इस फिल्म पर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है.
मलयालम राइटर देवदत्त शाजी का पोस्ट.
इंटरनेट पर बंटी राय
देवदत्त शाजी के इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. रेडिट और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं. एक रेडिट यूजर ने लिखा, ‘हम सब जानते हैं कि वह किस फिल्म की बात कर रहे हैं.’ वहीं एक अन्य ने चिंता जताते हुए कहा, ‘यह वाकई चिंताजनक है. फिल्म क्वालिटी के मामले में शिखर पर है, लेकिन यह एक साइलेंट प्रोपोगैंडा (मूक प्रचार) है. आम लोगों को मैनिपुलेट करना आसान होता है.’ एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘धुरंधर 2 एक फिल्म के तौर पर कुछ हद तक काम करती है, लेकिन इसका दूसरा भाग पूरी तरह से प्रोपोगैंडा के लिए बनाया गया लगता है. पहले भाग में यह संकेत मात्र था, लेकिन इस बार खुलकर दिखाया गया है कि यह किस चीज के लिए खड़ी है.’
एम्पुरान विवाद से जोड़कर देखी गई बहस
कुछ यूजर्स ने इस पोस्ट को मोहनलाल की हालिया रिलीज ‘L2: एम्पुरान’ से जोड़कर भी देखा. एक यूजर ने लिखा, ‘जो लोग एम्पुरान का विरोध कर रहे थे, वे आज इस फिल्म का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फिल्मों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए.’ हालांकि, सभी लोग देवदत्त शाजी से सहमत नहीं दिखे. एक एक्स यूजर ने तंज कसते हुए कहा, ‘तो फिर ‘बजरंगी भाईजान’ भी प्रोपोगैंडा फिल्म है?’ वहीं एक अन्य ने कहा, ‘अगर शाजी को फिल्म पसंद नहीं आई तो मैं उनका सम्मान करता हूं, लेकिन अगर फिल्म पसंद नहीं आई तो उसे प्रोपोगैंडा कहना गलत है.’










