ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने नवरोज पर ईरान की जनता को शुभकामना संदेश देते हुए बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल पर जीत हासिल कर ली है। उनके मुताबिक, देश के अंदर अलग-अलग विचारों के बावजूद लोगों की एकता से दुश्मन कमजोर पड़ा है। अमेरिका और इस्राइल को लगा था कि बड़े नेताओं को मारकर सरकार गिरा देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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‘तुर्किये-ओमान में हमले क्षेत्र में फूट डालने की कोशिश’
खामेनेई ने यह भी आरोप लगाया कि तुर्किये और ओमान में हमले जायनिस्ट ताकतों (इस्राइल) की साजिश हैं, इसका मकसद क्षेत्र में फूट डालना है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ ईरान के धार्मिक और रणनीतिक हित समान हैं और सभी को मिलकर ‘बड़ी ताकतों’ (अमेरिका आदि) का मुकाबला करना चाहिए।
हम परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहते- पेजेशिकयन
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशिकयन ने नवरोज (पारसी नववर्ष) के मौके पर देश और दुनिया को संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि ईरान का परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है, वह अपने पड़ोसी देशों के साथ युद्ध नहीं चाहता है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी परेशानियां बाहरी दुश्मनों की दखलअंदाजी की वजह से हैं। हमारे पड़ोसी हमारे भाई जैसे हैं, हम आपसी मतभेद खत्म करना चाहते हैं।
‘इस्लाम में परमाणु हथियार बनाना हराम’
इस दौरान उन्होंने एक बड़ा प्रस्ताव भी दिया। पेजेशिकयन के अनुसार, पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने के लिए इस्लामिक देशों का एक संयुक्त सुरक्षा सिस्टम बनाया जाए और इसमें बाहरी देशों (जैसे अमेरिका) की जरूरत न हो। उन्होंने यह भी दोहराया कि मोजतबा खामेनेई के अनुसार, इस्लाम में परमाणु हथियार बनाना हराम (गलत) है, इसलिए ईरान ऐसा नहीं करेगा।
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अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध का असर
इस चल रहे संघर्ष में भारी नुकसान हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, ईरान में: 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, लेबनान में 1000+ मौतें, लाखों लोग बेघर हुई हैं। वहीं इस्राइल में 15 लोगों की मौत हुई है और अमेरिका में 13 सैनिकों की मौत हुई है।
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