Bangladesh Army Chief: बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकर उज जमान मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से नाराज बताए जा रहे हैं. साथ ही बांग्लादेश की सेना में मौजूदा शासन व्यवस्था को लेकर भी असंतोष है. विवाद का एक महत्वपूर्ण मुद्दा सेना प्रमुख को कथित तौर पर दरकिनार किया जाना है. साथ ही बांग्लादेश की पाकिस्तान से नजदीकी और यूनुस सरकार की खस्ताहाल कानून और व्यवस्था भी है.
न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, शेख हसीना शासन के दौरान नियुक्त किए गए वकर उज जमान ने उनके साथ मजबूत संबंध बनाए रखे. शेख हसीना के साथ उनके पारिवारिक संबंध भी हैं. उनकी पत्नी शेख हसीना की चचेरी बहन हैं और उनके ससुर 9वें सेना प्रमुख रहे.
आईएसआई प्रमुख का ढाका दौरे ने जमान को किया असहज?
दरअसल, हाल ही में आईएसआई प्रमुख ने ढाका का दौरा किया था और इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश सेना के क्वार्टर मास्टर जनरल (क्यूएमजी) लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद फैजुर रहमान से मुलाकात की. फैजुर रहमान सीनियरिटी में चौथी रैंक पर हैं, ऐसे में आईएसआई प्रमुख की इस मुलाकात को वकर उज जमान का अपमान माना जा रहा है. इसके बाद से ही सेना प्रमुख यूनुस सरकार से नाराज बताए जा रहे हैं.
अब समय से पहले चुनाव चाहते हैं सेना प्रमुख
वकर उज जमान ने लगातार सरकार के सलाहकार के तौर पर काम किया है. वह लोगों के जनादेश को सुनिश्चित करने ने के लिए समय से पहले चुनाव कराना चाहते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी और दूसरे चरमपंथी गुटों के प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की है. सेना प्रमुख का मानना है कि देश की चुनौतियों के बीच सरकार की निष्क्रियता की वजह से छवि पर प्रभाव पड़ा है.
सेना के भीतर इस बात की आशंका है कि राजनीतिक प्रॉक्सी के जरिए पाकिस्तानी सेना की ओर से संभावित हस्तक्षेप किया जा सकता है और इसका वरिष्ठ कमांडर कड़ा विरोध करते हैं. इन सब के बीच इस्लामवादी और कट्टरपंथी माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद फैजुर रहमान की बांग्लादेश के नए सेना प्रमुख के रूप में संभावित नियुक्ति एक बड़ी चिंता का विषय है. माना जाता है कि उन्हें पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है.
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