कानपुर अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों के खिलाफ अभी तक 25 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं। हालांकि, अब तक सिर्फ नौ मामलों में ही एफआईआर हुई है। इनमें से तीन में अखिलेश भी नामजद है। उसके खिलाफ आखिरी मुकदमा किदवईनगर थाने में नौ अगस्त को दर्ज हुआ था। शुरुआत में तेजी से कार्रवाई करने वाली कमिश्नरी पुलिस की अचानक सुस्त पड़ी चाल चर्चा का विषय बनी हुई है। आखिर क्या वजह है?
इसे हर कोई जानना चाहता है। इधर, पुलिस अफसरों का तर्क है कि पुख्ता साक्ष्य जुटाकर ही नए मामले दर्ज किए जाएंगे। जल्दबाजी में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा, जिसे आधार बनाकर अखिलेश राहत ले ले। पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे फर्जी मामलों में एफआईआर कराकर वसूली करने की कई शिकायतें आई थीं। सीपी के निर्देश पर एसआईटी ने जांच की, जिसमें अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों का नाम सामने आए।
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