बीना/एबीएन न्यूज। शनिवार शाम से कोहरौलिया ग्राम के प्रधान प्रतिनिधि चन्दन कुमार व दर्जनों ग्रामवासी एनसीएल बीना परियोजना के प्रबंधन कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे रहे और तत्काल स्थायी रोजगार की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले एनसीएल प्रबंधन तथा ओबी कंपनी (चेन्नई/राधा कंपनी) ने उन्हें रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया था, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके विरोध में वे नौबत आए दिन की झूठी आश्वासनों व अनदेखी के चलते उक्त आंदोलन पर बैठ चुके हैं।
धरना स्थल पर बीना पुलिस बल तथा एनसीएल सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। प्रदेशी प्रबंधन की ओर से समझाने-बुझाने का प्रयास हुआ, किन्तु ग्रामीणों ने तब तक उठने से इनकार कर दिया जब तक उन्हें रोजगार से संबंधित ठोस व शुद्ध आश्वासन नहीं मिल जाता। ग्रामीणों ने कहा कि पहले के संचालनों में इतनी तानाशाही नहीं दिखाई जाती थी, जबकि मौजूदा कंपनी विस्थापितों व प्रभावित ग्रामीणों के हक पर आँँखे बंद कर बाहर के लोगों को रोजगार दे रही है।
धरने के नेतृत्वकर्ता व प्रधान प्रतिनिधि चन्दन कुमार ने कहा, “हम अपने ग्राम वासियों को उनका हक़ दिलाकर रहेंगे — चाहिए तो जेल भी चले जाएँगे।” उन्होंने प्रशासन व एनसीएल प्रबंधन से तत्काल रोजगार सूची जारी करने, प्राथमिकता में प्रभावित परिवारों को रखा जाने तथा नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रबंधन के सूत्रों ने बताया कि मामले को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाई जा चुकी है और जल्द बातचीत के माध्यम से समाधान का आश्वासन दिया जाएगा; पर धरनारत ग्रामीणों ने कहा कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं होंगे — लेखरहित व लिखित गारंटी चाहिए। पुलिस ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया और कहा कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। धरने का असर प्रबंधन कार्यालय में आवागमन और कार्यवाहियों पर फिलहाल सीमित समय के लिए देखा गया। ग्रामीणों का संघर्ष जारी है और उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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