इंडिगो मामले पर बनी डीजीसीए की हाई लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. इस कमेटी को 5 दिसंबर 2025 को इंडिगो एयरलाइंस में हुई परिचालन गड़बड़ियों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था. DGCA ने जांच के लिए एक 4 सदस्यीय विशेष समिति बनाई थी, जिसमें संजय के. ब्रह्माने- जॉइंट डायरेक्टर जनरल, अमित गुप्ता- डिप्टी डायरेक्टर जनरल, कैप्टन कपिल मांगलिक (SFOI), कैप्टन लोकेश रामपाल (FOI) शामिल थे.
फिलहाल रिपोर्ट के गोपनीय रखा गया
सूत्रों के मुताबिक, कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और अब इसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दिया गया है. फिलहाल रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है. समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 26 दिसंबर 2025 तक का समय दिया गया था. यह भी जांचने को कहा गया था कि किन हालातों में इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित हुईं और इसकी असली वजह क्या रही.
मुख्य तौर पर कमेटी को यह रिपोर्ट इन सवालों को लेकर दी है
1. इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल और डिले क्यों हुईं?
2. क्या एयरलाइन की प्लानिंग और मैनपावर मैनेजमेंट कमजोर था?
3. क्या नई Flight Duty Time Limit (FDTL) लागू करने में लापरवाही हुई?
4. क्या इंडिगो ने समय रहते क्रू प्लानिंग और रोस्टर मैनेजमेंट नहीं किया?
5. क्या DGCA के निर्देशों का पालन ठीक से हुआ या नहीं?
6. ऑपरेशनल फेल्योर के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है?
इंडिगो संकट से लाखों यात्री को हुई मुश्किलें
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो दिसंबर 2025 को भारी शेड्यूलिंग संकट में फंस गई थी, जिससे हजारों उड़ानें रद्द हो गई थी. इससे देशभर में लाखों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए थे और अफरातफरी मच गई थी. डोमेस्टिक एयरलाइंस में 60 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी इंडिगो की है, जिस वजह से हवाई यात्रा पर इसका बड़ा असर हुआ.
दिसंबर में कई दिनों तक इंडिगो संकट जारी रहने के बाद उड़ान को लेकर सरकार की नीति सवालों के घेरे में आ गई. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की मोनोपोली वाली नीति के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायूड ने कहा था कि सरकार एविएशन सेक्टर में मजबूत इकोसिस्टम के लिए प्रतिबद्ध है.










