लखनऊ/एबीएन न्यूज। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) में 30 दिसंबर 2025 को राजभाषा कार्यान्वयन समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के अपर महानिदेशक श्री क़ाज़ी मेराज अहमद ने की। इस दौरान उन्होंने पिछली तिमाही के राजभाषा संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए सरकारी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया और अधिकारियों से हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
बैठक में अपर महानिदेशक द्वारा आरडीएसओ की राजभाषा पत्रिका ‘मानक रश्मि’ के अप्रैल–सितंबर 2025 अंक का विमोचन भी किया गया। उन्होंने कहा कि राजभाषा हिंदी का उपयोग न केवल सरकारी कार्यकुशलता बढ़ाता है, बल्कि भाषा के संवर्धन और राष्ट्रीय आत्मसम्मान से भी जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री शमीम अहमद ने समिति सदस्यों के स्वागत के साथ की। उन्होंने संगठन में राजभाषा से संबंधित गतिविधियों, उपलब्धियों और प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे बोर्ड द्वारा आरडीएसओ को प्रदान किए गए द्वितीय पुरस्कार (श्री शिवसागर मिश्र चल वैजयंती) तथा हिंदी के उत्कृष्ट प्रयोग हेतु दो कार्मिकों को प्राप्त व्यक्तिगत पुरस्कार प्रमाण-पत्र भी समिति के समक्ष रखे।
बैठक में वरिष्ठ अनुवादक श्री हिमांशु कुमार श्रीवास्तव ने तिमाही राजभाषा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं, सहायक अभिकल्प अभियंता/वर्क्स निदेशालय श्री प्रदीप कुमार मिश्रा ने “कार्य अनुसंधान: आज की उपलब्धियां, कल की परिभाषा” विषय पर हिंदी में प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसकी उपस्थित अधिकारियों ने सराहना की।
इस त्रैमासिक समीक्षा बैठक में समिति के सदस्यगण सहित आरडीएसओ के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना और कार्यालयी प्रक्रियाओं में हिंदी के उपयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।
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