सोनभद्र/एबीएन न्यूज। जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन व्यवस्था के अंतर्गत सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से जनपद में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लाभार्थीपरक कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित सभी लक्ष्य समयसीमा में शत-प्रतिशत पूरे होने चाहिए, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने एनआरएलएम समूह के खातों के संचालन, बैंकिंग प्रक्रियाओं और ऋण उपलब्धता की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित विभागों को गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेशित किया कि जनपद के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण खंड शिक्षा अधिकारियों से कराते हुए फर्नीचर, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, हाईटेंशन तारों एवं कक्षाओं की स्थिति का मूल्यांकन कराया जाए, जिससे सभी विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति फार्मों को विद्यालय स्तर से तत्काल अग्रसारित कराया जाए। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर शिथिलता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी ऋण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त उद्योग एवं एलडीएम को प्राथमिकता के आधार पर लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सुचारू प्रगति ही शासन की प्राथमिकता है, इसलिए देरी करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक जय राम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
![]()














