सिंगरौली/एबीएन न्यूज। कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने गुरुवार को सतर्कता विभाग के तत्वावधान में मुख्यालय परिसर में सीएमपीएफ अधिनियम एवं कोल माइंस पेंशन योजना (सीएमपीएस) विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन निवारक एवं सहभागी सतर्कता की अवधारणा के तहत किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य सीएमपीएफ अधिनियम और कोल माइंस पेंशन योजना के अनुपालन एवं क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करना, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं स्पष्टता लाना तथा संचालन स्तर पर सरलीकरण को बढ़ावा देना था।
वर्चुअल माध्यम से कार्यशाला को संबोधित करते हुए एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बी. साईराम ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा उपायों को निरंतर सरल और उन्नत बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सीएमपीएफ एवं सीएमपीएस से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों से मानवीय दृष्टिकोण एवं संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारियों के निर्वहन का आह्वान किया।
उन्होंने वर्ष 2026 को एनसीएल और कोल इंडिया लिमिटेड के लिए “सुधारों का वर्ष” बताते हुए सामाजिक सुरक्षा ढांचे में व्यापक बदलाव की उम्मीद जताई।

कार्यशाला को क्षेत्रीय आयुक्त-II (सतर्कता), कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (सीएमपीएफओ), धनबाद, भरत कुमार ए.वाई. ने भी संबोधित किया। उन्होंने सीएमपीएफ अधिनियम के विकास, विभिन्न चरणों, बीओटी के गठन तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर निदेशक (वित्त) रजनीश नारायण, निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी, मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल, क्षेत्रीय आयुक्त सीएमपीएफओ सिंगरौली सहित सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। निदेशक (तकनीकी) आशुतोष द्विवेदी एवं महाप्रबंधक (सतर्कता) उमाकांत यादव ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
मानव संसाधन/सीएमपीएफ विभाग द्वारा सत्र के दौरान ‘सी-केयर्स’ पोर्टल का प्रदर्शन किया गया। इसमें सीएमपीएफ सेटलमेंट, पेंशन, नामांकन, कंट्रीब्यूशन, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट एवं शिकायत निवारण प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रस्तुतीकरण के बाद फीडबैक सत्र भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वागत भाषण एवं धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (एचआर/सीएमपीएफ) प्रवेश कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
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